गश्त के सिपाही भी नहीं पकड़ पाते
वह सूने घर की रेकी दिन में करता है। चोरी करने अकेले ही जाता है। अपने पास ऐसे औजार रखता है, जिनकी मदद से एक मिनट में ही बाहरी ताला तोड़ देता है। गेट पर लगे इंटरलॉक को तोड़ने में भी दस से 15 मिनट ही लगाता है। अगर, चोरी करते समय गश्त करते सिपाही आ जाते हैं तो छिप जाता है, निकलता नहीं है।
अगर, रास्ते में पुलिस टोक देती है तो राहगीर बताता है। वह चोरी के जेवरात आगरा के कोतवाली और एमएम के सराफ बाजार के अलावा अलीगढ़ और फिरोजाबाद में बेच देता है। पुलिस ने मोती कटरा निवासी सराफ राजकुमार वर्मा को पकड़ा है। वह हैदर से आधी कीमत में जेवरात खरीद लेता था। इनको गलाने के बाद नए जेवरात तैयार करता था।
बदल देता है मोबाइल और सिम
पुलिस की पूछताछ में हैदर ने बताया कि उसने जेल में ऐसे अपराधी मिले, जो अक्सर पुलिस से बचने के तरीकों पर बात करते थे। इसमें पता चला था कि सर्विलांस की मदद से पुलिस पकड़ लेती है। वो बचने के तरीके भी बताते थे। इससे ही वो वारदात से पहले मोबाइल बंद कर लेता है, इसे तब तक नहीं खोलता है, जब तक चोरी किए माल को बेच नहीं देता है। एक और दो वारदात के बाद मोबाइल और सिम भी बदल लेता है।