आगरा कमिश्नरेट में युवा अपराधियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पहचान एप में अब तक 30,719 अपराधियों का डाटा फीड किया जा चुका है। खास बात है कि इनमें 10 हजार से ज्यादा 25 से 30 साल की उम्र के हैं।
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वर्तमान पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा की पहल पर आगरा जोन में वर्ष 2021 में पहचान एप लागू किया गया था। सत्यापन कराने के बाद इस एप में जनपद में सक्रिय अपराधियों के बारे में पूरी जानकारी उनकी तस्वीर के साथ होती है। एक क्लिक में एप में दर्ज बदमाशों का ब्योरा मिल जाता है।
आगरा कमिश्नरेट में हाल में हुई घटनाओं में प्रकाश में आए अपराधियों का सत्यापन करने के बाद डाटा को अपडेट करने का काम चल रहा है। शुक्रवार को भी अधिकारियों के साथ बैठक में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने पहचान एप में अपराधियों का डाटा फीड करने के निर्देश दिए हैं।
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि आगरा कमिश्नरेट में अब तक पहचान एप पर 30,719 अपराधियों का डाटा अपडेट हो चुका है। इनमें 15,299 अकेले शहर जोन में हैं। 10 हजार से ज्यादा अपराधी 25 से 30 साल के युवा हैं। इन अपराधियों पर निरंतर निगरानी से अपराधों का ग्राफ कम करने में मदद मिलती है।
यह जानकारियां रहती हैं दर्ज
एप में यह दर्ज होता है कि अपराधी वर्तमान में क्या कर रहा है। कहां रह रहा है। किसी नए अपराध में शामिल तो नहीं हुआ। घर में कौन-कौन लोग हैं। रिश्तेदार कौैन हैं। जमानतदार कौन थे। अपराधी और उनके परिजन के फोटो भी अपलोड रहते हैं। इन्हें समय-समय पर सत्यापित कराया जाता है।
एप से पकड़े थे मेरठ के बदमाश
हरीपर्वत पुलिस ने मेरठ के टप्पेबाजों को जेल भेजा था। कार के शीशे तोड़कर वारदात कर रहे थे। पहचान एप के जरिए ही इनकी पहचान हो सकी थी। इनके दो साथी आगरा से पूर्व में जेल भेजे गए थे।
केस-1
27 अप्रैल को सिकंदरा के कारगिल चौराहे पर ज्वेलरी शोरूम में लूटपाट के बाद सराफ की हत्या में शामिल रहे बदमाश अमन और फारुख की उम्र 22 से 25 साल के बीच है। इनमें अमन की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई।
केस-2
आवास विकास कॉलोनी में युवाओं के दो गुटों में फायरिंग हुई। इसमें पुलिस ने दो आरोपियों को मुठभेड़ में पकड़ा। दोनों गुटों में शामिल 5 से ज्यादा आरोपी युवा हैं। छोटे-मोटे अपराध भी कर रहे हैं। बाईपास पर दो साल पहले फायरिंग करके लूटपाट करने वाले दो बदमाशों की उम्र भी 25 साल से कम है।