मैनपुरी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सत्येंद्र कुमार चौधरी ने बुधवार को राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) फर्रुखाबाद का वर्चुअल निरीक्षण किया। राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) में बंद मैनपुरी के 20 बाल अपराधियों की समस्याएं सुनीं। संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक को समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए।
राजकीय संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक कमलेश कुमार ने बताया कि राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) में सभी बाल अपचारियों (बाल अपराधी) का कोरोना परीक्षण हो चुका है। नए आने वाले बाल अपचारियों को राजकीय संप्रेक्षण गृह में 14 दिन के लिए अलग से बनाई गई विशेष बैरक में रखा जाता है। समय-समय पर उनकी समस्याएं सुनकर निराकरण भी किया जाता है।
राजकीय संप्रेक्षण गृह में जिले के 20 बाल अपचारी बंद हैं। उन पर चोरी, मारपीट, हत्या, अपहरण, लूट, दुष्कर्म, जानलेवा हमला करने जैसे गंभीर धाराओं के मामले दर्ज हैं। किसी भी बाल अपचारी को निशुल्क वकील की जरूरत नहीं है। सभी बाल अपचारियों के पास मुकदमा लड़ने के लिए खुद के वकील हैं। प्राधिकरण कार्यालय सहायक देवेंद्र सिंह, कंप्यूटर आपरेटर गौरव कुमार मौजूद रहे।