आगरा। असगर अली को काफी समय से जीएसटी अधिकारी से समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा था। दो दिन पूर्व ही उन्होंने मीडियाकर्मियों से बात कर खुद की जान का खतरा जताया था। पुलिस ने जब परिजन को घटना का सीसीटीवी दिखाया तो परिजन का शक और गहरा हो गया है। अंतिम संस्कार के बाद परिजन नामजद तहरीर देने की बात कह रहे हैं।
असगर अली के भतीजे अरशद ने बताया कि चाचा को काफी दिनों से समझौते का दबाव बनाया जा रहा था। बात नहीं मानने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी जा रही थी। आरोपी महिला अधिकारी का पति नगर निगम में प्रमुख पद पर है। कुछ दिन पूर्व महिला अधिकारी के पति ने सादा कपड़ाें में पुलिसकर्मियों के साथ रोका था। शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहा था।
चाचा के कॉल करने पर परिवार के कुछ युवक गए थे। वहां कथित पुलिसकर्मियों में से एक ने परिवार के युवक के मुंह पर पिस्टल तान दी थी। दो दिन पूर्व चाचा ने मीडिया के सामने अपनी जान को खतरा जताया था।
सीसीटीवी देख गहराया शक
अरशद ने बताया कि पुलिस ने उन्हें और परिजन को सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग दिखाई है। चाचा की 2:56 पर परिवार से बात हुई है। इसके बाद वह सड़क के किनारे खड़े हैं। 2 मिनट के अंदर एक तेज रफ्तार कार पीछे से आई। कट मार कर आरोपी ने चाचा को टक्कर मारी और कार लेकर भाग निकला। दो घंटे तक वह सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़े रहे। सही समय पर इलाज नहीं मिल पाने से उनकी मौत हुई है। सीसीटीवी देखने के बाद मामला हत्या का ही लग रहा है। रविवार को आरोपी महिला अधिकारी और अन्य के खिलाफ नामजद तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज कराएंगे।
पत्नी कई बार हुईं बेहोश
असगर के परिवार में पत्नी साबिरा बेगम और तीन बेटे सजमन, अजमन और अब्दुल अली हैं। तीनों बेटे भी पिता का काम में हाथ बंटाते थे। असगर ने काफी मेहनत कर ट्रांसपोर्ट के काम में पकड़ बनाई थी। जयपुर के दुकानदारों से अच्छे संबंध हो गए थे। आगरा के जूता कारोबारियों से माल लेकर जयपुर पहुंचाने की जिम्मेदारी असगर ही संभालते थे। सुबह परिजन ने पत्नी साबिरा को पहले हादसे में घायल होने की सूचना दी थी। इसके बाद उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। दोपहर बाद उन्हें पति की मौत का पता चला तो वह गश खाकर गिर पड़ीं। उनका रोना देख मोहल्ले के लोगों की आंखें भी नम हो गईं।