फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नहीं थम रहा डेंगू और बुखार से मौतों का सिलसिला, ग्राम प्रधान सहित चार की मौत

विज्ञापन
कासगंज जिला अस्पताल में भर्ती डेंगू के मरीज। - फोटो : KASGANJ
विज्ञापन
कासगंज। भले ही स्वास्थ्य विभाग डेंगू से मौतों का आंकड़ा छिपा रहा हो, लेकिन बुखार और डेंगू से मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा। आए दिन जानें जा रही हैं। जिले में एक ग्राम प्रधान सहित चार मरीजों की मौत बुखार और डेंगू से हुई है। बुखार और डेंगू का डंक परिवारों में कोहराम मचाए हुए है।
विज्ञापन

शहर की आवास विकास कॉलोनी निवासी बसंत गुप्ता पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे। उनका इलाज अलीगढ़ के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। जहंा उनमें डेंगू की पुष्टि हुई। उनकी हालत बिगड़ती ही गई। उपचार के दौरान उन्होंने शनिवार सुबह अलीगढ़ में दम तोड़ दिया। इसके अलावा सिढ़पुरा क्षेत्र के गांव फतेहपुर निवासी 25 वर्षीय शालू बुखार से पीड़ित थी। उसका इलाज आगरा में चल रहा था। उसकी हालत भी इलाज के दौरान बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। शालू में भी डेंगू की पुष्टि हुई। सहावर क्षेत्र के गांव मोहनपुरा निवासी मुनेंद्र सिंह भी बुखार से पीड़ित थे। उनका इलाज जिले में ही निजी चिकित्सक के यहां चल रहा था।
वे भी डेंगू पीड़ित थे और उन्होंने शनिवार दोपहर को दम तोड़ दिया। वहीं कासगंज क्षेत्र के गांव मनौटा निवासी ग्राम प्रधान प्रेम सिंह शाक्य कई दिनों से बीमार थे। उनका उपचार निजी अस्पताल में चल रहा था। उन्हें किडनी की भी समस्या थी। उपचार के दौरान आगरा में अस्पताल में ही उन्हें बुखार आया। यहां उन्होंने शनिवार को दम तोड़ दिया। इस तरह डेंगू और बुखार का कहर जिलेभर में बरप रहा है। तमाम परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
विज्ञापन

दावा- डेंगू से कोई मौत नहीं
जहां एक ओर डेंगू का डंक कहर मचाए हुए है। वहीं स्वास्थ्य विभाग जिले के लोगों की सेहत को बेहतर बता रहा है। भले ही डेंगू पीड़ित मरीजों की संख्या 155 बताई जा रही है, लेकिन डेंगू से मौतों का आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में शून्य है। जबकि अब तक जिले में 94 जानें जा चुकीं हैं।
तो क्यों बेअसर हो रहा अभियान
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दावा कर रहा है कि बीमारियों से लडने के लिए साफ सफाई दवा छिड़काव का अभियान चल रहा है। गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं, लेकिन फिर भी जब बुखार का कहर जारी है तो सवाल उठ रहा है कि यह अभियान आखिर क्यों बेअसर हो रहे हैं।
डेंगू से मरने वालों का आंकड़ा शून्य है। जबकि लगभग 155 डेंगू पीड़ित मरीज हैं। इन सभी का इलाज चल रहा है। जिले में डेंगू से कोई मौत नहीं हुई है। - डा. अनिल कुमार, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें