कासगंज। मोहनपुरा मटर मंडी पर बुधवार को जाम के हालात दोपहर के बाद से बनने लगे। यहां रुक रुककर जाम लगता रहा। सायं के समय जाम की स्थिति विकराल हो गई। तमाम वाहन वाहन जाम में फंसे रहे। पुलिस ने इन्हें निकलवाया। मंडी में हरी मटर की आवक बढ़ने के साथ ही बड़ी संख्या में किसान उपज लेकर पहुंच रहे हैं। इससे जाम की स्थिति पैदा होने लगी है।
मोहनपुरा में मटर के लिए कोई मंडी स्थल नहीं है। परंपरागत तरीके से कासगंज-सिकंदराराऊ मार्ग के किनारे के खेतों और बाग में मटर का कारोबार होता है। जिले के किसानों के अलावा सिकंदराराऊ, हाथरस, एटा, बदायूं, अलीगढ़ क्षेत्र के किसान भी हरी मटर लेकर मोहनपुरा मंडी में पहुंचते हैं। इस समय खेतों में फली की तुड़ाई हो रही है। किसान फसल खराब होने से बचाने के लिए मंंडी में बिक्री के लिए पहुंचा रहे हैं। ऐसी स्थिति में मंडी में माल का दबाव बढ़ गया है।
मटर लदे हुए तमाम ट्रैक्टर-ट्रॉली व अन्य वाहन सड़क की पटरियों पर खड़े होने से जाम की स्थिति बन गई। पांच घंटे तक लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ा। जाम में फंसे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हाथरस से सिकंदराराऊ की ओर जाने वाले तमाम वाहन एटा होकर निकले। वहीं कुछ वाहन ग्रामीण इलाकों से निकले। हाथरस से कासगंज आने वाले विनायक ने बताया कि उन्हें कासगंज जाना था। जाम होने के कारण वह एटा होकर कासगंज पहुंचे। इसी तरह से कारोबारी अखिलेश अग्रवाल ने बताया कि मोहनपुरा में जाम के कारण काफी देर फंसे रहे।
- मोहनपुरा पर जाम की समस्या काफी पुरानी है। सड़क किनारे ही कारोबार होता है। इस बार अतिरिक्त पुलिसबल की तैनाती की है। आज मटर लेकर ज्यादा वाहन पहुंचे। इससे परेशानी हुई।- सुधीर कुमार, इंस्पेक्टर।