15 जून के बाद चंबल घाट से हटेगा पांटून पुल, मोटर बोट बनेगी सहारा
पिनाहट। कस्बा स्थित चंबल घाट पर बने पांटून पुल की समय सीमा 15 जून को समाप्त होने जा रही है। इसके बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से चंबल नदी में मोटर बोट का संचालन शुरू कराया जाएगा। मोटर बोट का संचालन निजी ठेकेदार के माध्यम से कराया जाएगा।
पिनाहट चंबल घाट उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन हजारों ग्रामीण, व्यापारी, छात्र और कर्मचारी इस मार्ग से दोनों राज्यों के बीच आवागमन करते हैं। प्रत्येक वर्ष लोक निर्माण विभाग द्वारा चंबल नदी पर पांटून पुल स्थापित किया जाता है, जिससे लोगों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलती है। निर्धारित अवधि पूरी होने पर 15 जून के बाद पांटून पुल को हटा दिया जाएगा। इसके बाद दोनों राज्यों के बीच आवागमन के लिए मोटर बोट की व्यवस्था की जाएगी। पीडब्ल्यूडी विभाग ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि पुल हटने के बाद लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बरसात के मौसम में चंबल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है। ऐसे में सुरक्षा कारणों से हर वर्ष मानसून शुरू होने से पहले पांटून पुल को हटा दिया जाता है। नदी में तेज बहाव और बढ़ते जलस्तर के कारण पुल के संचालन में खतरा बना रहता है। इसी को देखते हुए विभाग द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में मोटर बोट का संचालन कराया जाता है।