संडे स्पेशल: रेड वेटल्ड लैपविंग, लाल घेरे में पीछे की ओर पैर में अविकसित उंगली
बाह(आगरा)। चंबल सेंक्चुअरी की बाह रेंज में नदी किनारे तेज चलने वाली रेड वेटल्ड लैपविंग चिड़िया (टिटहरी) पेड़ पर नहीं बैठ पाती। जमीन पर तेज चल लेती है, उड़ान भी भर लेती है। खूबसूरत चिड़िया की पेड़ पर न बैठ पाने की खूबी को जानकर लोग दंग रह जाते हैं।
बाह के रेंजर कुलदीप सहाय पंकज ने बताया कि रेड वेटल्ड लैपविंग के पैर पेड़ की डाली पर बैठने के लिए अनुकूल नहीं होते। पैरों में आगे की ओर अंगुलियां होती हैं, पैरों में पीछे की तरफ एक छाेटी या अविकसित अंगुली होती है। जिसकी बजह से चिड़िया पेड़ की डाली पर मजबूत पकड़ नहीं बना पाती। बताया कि पेड़ की डाली पर बैठने और संतुलन बनाए रखने लिए पैरों की पीछे की अंगुलियों की भी आवश्यकता होती है। यही वजह है कि ये चिड़ियां किसी भी खंभे, तार या पेड़ पर बैठी हुई नहीं दिखती।