आगरा। विश्वविद्यालय के ललित कला संस्थान एवं प्राचीन कला केंद्र, चंडीगढ़ ने ललित कला यात्रा कार्यक्रम आयोजित किया। विद्यार्थियों ने नाद ब्रह्म की मनोहारी प्रस्तुति दी। दिल्ली से पधारे राजेश सिंह नेगी ने शास्त्रीय गायन से सभी को मंत्रमुग्ध किया। कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि संगीत ईश्वर प्राप्ति का सशक्त माध्यम है। इसके लिए गुरु के मार्गदर्शन में गंभीर साधना आवश्यक है। चंडीगढ़ के डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. देवेंद्र कुमार वर्मा एवं समीर कौसर ने संगीत के संरक्षण एवं संवर्धन पर विचार रखे। धन्यवाद ज्ञापन उप निदेशक ललित कला संस्थान डॉ. मनोज कुमार ने किया। कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. संजय चौधरी, निदेशक ललित कला संस्थान, डॉ. देवाशीष गांगुली भी मौजूद रहे।