आगरा। नाबालिग बच्चों की उच्च शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए ली गई बीमा पॉलिसी में मैच्योरिटी अवधि गलत बताने पर पीड़ित ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया। आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव कुमार ने मैक्स लाइफ इंश्योरेंस और एक्सिस बैंक दोनों को संयुक्त एवं पृथक रूप से किस्त के लिए खाते से काटी गई रकम 2.4 लाख रुपये छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए।
इसके अलावा मानसिक पीड़ा और वाद व्यय के रूप में 25 हजार रुपये जुर्माना अलग से अदा करने होंगे। थाना शाहगंज क्षेत्र के रामनगर निवासी डॉ. ध्रुवदत्त पाठक ने वाद दायर किया था। बताया कि उनका एक्सिस बैंक की शाहगंज शाखा में खाता था। बैंककर्मी ने उन्हें मैक्स लाइफ की फैक्ट पार्टनर सुपर बीमा योजना की विशेषताएं बताईं। उन्होंने तीन अक्तूबर 2018 को अपने दोनों नाबालिग बेटों की उच्च शिक्षा, भविष्य और आर्थिक प्रबंधन के लिए दो पॉलिसी लीं। योजना की मैच्योरिटी वर्ष 2032 में होने की जानकारी दी गई थी जबकि बीमा कंपनी के कागजात में भुगतान वर्ष 2091 दर्शाया गया। यानी दोनों बच्चों के 61 वर्ष की आयु पूरी करने पर राशि मिलनी थी। तब उन्होंने फ्री लुक पीरियड में पॉलिसी रद्द करने का आग्रह किया लेकिन कंपनी ने इसके बावजूद एक्सिस बैंक खाते से दूसरी किस्त के रूप में रुपये और काट लिए।