कासगंज ने हमेशा अमन का पैगाम दिया है। इस शहर की फिजा में नफरत नहीं, मोहब्बत घुली है। जब भी मौका पड़ा, सभी ने मिलजुल कर उसका सामना किया। हिंसा की चिंगारी को कभी शोला नहीं बनने दिया।
मिश्रित आबादी में भी नफरत का बीज नहीं पनप पाया। जाति और धर्म की सरहदों के परे शहर को संवारने का काम किया है। इसका उदाहरण है नदरई बाजार का गांधी चौक। सालों से इस चौक की देखरेख नगर पालिका परिषद कर रही है। मगर, इसके सुंदरीकरण में सभी ने एक साथ अपने हाथ आगे बढ़ाए।
वर्ष 2003 में तत्कालीन सांसद सलीम इकबाल शेरवानी रहे हों या फिर पालिका सदस्य नुस्ताक अहमद, परवीन बेगम, चौधरी अहमद मुशीर, इन सभी ने तत्कालीन पालिका अध्यक्ष डा. शशिलता चौहान, विधायक मानपाल सिंह के साथ मिलकर गांधी प्रतिमा के सुंदरीकरण में अपना सहयोग दिया।