कासगंज। 23 दिन पूर्व औद्योगिक आस्थान में बीयर के गोदाम पर हुई लूट और हत्या की वारदात का पुलिस ने राजफाश कर दिया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस वारदात को बीयर गोदाम के पूर्व कर्मी ने अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया। यह तीनों ही अलीगढ़ जनपद के रहने वाले हैं। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से चौकीदार का लूटा मोबाइल, 6600 रुपये नकद, तमंचा व एक बिना नंबर की बाइक बरामद की है। तीनों आरोपियों को जेल भेजा गया है।
वारदात 17/18 अगस्त की रात्रि को औद्योगिक आस्थान में बीयर गोदाम पर हुई। पुलिस अधीक्षक रोहन पी बोत्रे ने बताया कि हत्या के इस मामले में एफआईआर में गलत नामजदगी की गई थी, लेकिन पुलिस ने इस पूरे मामले की गहनता से विवेचना की। सीओ दीपकुमार पंत के नेतृत्व में एसओजी, सर्विलांस व सदर थाना पुलिस की तीन टीमें लगाई गईं थीं। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी दीपक शुक्ला निवासी नौदेवी मंदिर मुखिया की धर्मशाला गांधी पार्क जनपद अलीगढ़ बीयर गोदाम पर नौकरी करता था, लेकिन सही आचरण न होने पर उसे नौकरी से हटा दिया था।
दीपक अपने साथी सूरज एवं मानसिंह निवासी गांव भगवानखेड़ा थाना हरदुआगंज जनपद अलीगढ़ के साथ बीयर गोदाम पर धावा बोल दिया। हत्या के शिकार चौकीदार उमेश कुमार ने दीपक को पहचान लिया। उन्होंने दीपक का विरोध किया तो आग बुझाने के छोटे सिलेंडर से चौकीदार के सिर पर प्रहार किया और गोदाम के तोड़े गए कांच के टुकड़ों को गले में घोंपकर हत्या कर दी। चौकीदार का मोबाइल लूट लिया और 22500 रुपये की नकदी लूट ली।
एसपी ने बताया कि पुलिस टीमों ने ततारपुर तिराहे के पास से बिना नंबर की बाइक से आरोपियों को जाते समय उन्हें दबोच लिया। तलाशी में उनके पास से 315 बोर का तमंचा, लूटे गए 6600 रुपये, बिना नंबर की बाइक और मृतक का मोबाइल बरामद कर लिया। उन्होंने बताया कि सभी आरोपियों को जेल भेजा गया है।
एसपी ने पुलिस टीम की थपथपाई पीठ
एसपी रोहन पी बोत्रे ने हत्या और लूट के मामले का राजफाश करने पर पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह इंदौलिया, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अशोक तोमर, उपनिरीक्षक भूदेव प्रसाद, हैड कांस्टेबल विनीत चौहान, आरक्षी सोमवीर सिंह एवं आरक्षी भूदेव सिंह को शाबाशी देते हुए सराहना की है।