आगरा। पुराना बकाया खत्म कराने के लिए एकमुश्त समाधान योजना चला रहे बिजली विभाग के सामने 72 हजार बकाएदारों की नई फौज खड़ी हो गई है। इन पर करीब 18 करोड़ रुपये बकाया हैं। बकाएदारों ने स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल जमा नहीं किया। इसकी वजह से उनके मीटर निगेटिव हो गए हैं। विभाग अब इन नए बकाएदारों को बकाया जमा कराने के लिए समझाने में जुटा है।
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने उत्तर प्रदेश पाॅवर कॉरपोरेशन के आदेश पर जिले के 1.35 लाख उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगा दिए। विभाग की कोशिश थी कि स्मार्ट मीटर के जरिये उपभोक्ता को उनकी उपभोग हुई बिजली का वास्तविक बिल एसएमएस के जरिये मिल जाएगा। साथ ही मीटर रीडिंग में होने वाली गड़बड़ी से भी निजात मिल सकेगी।
हालांकि स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब 72 हजार से ज्यादा मीटरों पर बैलेंस निगेटिव हो गया है। आगरा जोन के मुख्य अभियंता कपिल सिंधवानी ने बताया कि उपभोक्ताओं से अपील की जा रही है कि वह अपना बकाया जमा करा दें ताकि उनके बिजली के कनेक्शन कटने या आपूर्ति ठप होने पर होने वाली असुविधा से बचाया जा सके।
ज्यादातर मीटर पर 1000 से कम बकाया
मुख्य अभियंता ने बताया कि 72 हजार में से करीब आधे से ज्यादा मीटरों पर हजार रुपये से कम बकाया है। जैसे ही उपभोक्ता अपना बकाया जमा करा देगा, उसके मीटर फिर से पॉजिटिव हो जाएंगे। कहा कि चूंकि स्मार्ट मीटर मौजूदा समय में पोस्टपेड हैं लेकिन आने वाले समय में ये प्रीपेड हो जाएंगे। ऐसे में उपभोक्ता समय से बिजली बिल जमा नहीं करेंगे तो उन्हें बिजली आपूर्ति बाधित होने की परेशानी से जूझना पड़ेगा।