अजीतगंज। गांव में चल रहे रामलीला महोत्सव में बुधवार की रात सीता हरण लीला का मंचन किया गया। मायावी मृग को देख सीता ने श्रीराम से कहा कि मृग ऐसा तो देखा न सुना जैसा यह सुघड़ सलोना है। सीता के कहने पर श्रीराम मृग का शिकार करने के लिए जाते हैं।
रामलीला के कलाकारों ने लीला मंचन में सूर्पनखा अंगभंग, खरदूषण वध, सीता हरण और शबरी की भक्ति की लीला का जीवंत मंचन किया। लीला प्रसंग में सोने का मृग देखकर सीता ने राम से कहा कि मृग सिर से पांव तक सोना ही सोना है। राम के मृग के पीछे जाने के बाद रावण ने धोखे से सीता का हरण किया। सीता के वियोग में राम शबरी के आश्रम पहुंचे। जहां उन्होंने शबरी के जूठे बेर खाए। शबरी ने श्रीराम को सुग्रीव के बारे में जानकारी दी। रंगमंच पर लीला का शुभारंभ डॉ. अनंत मिश्रा और एड, हेमंत मिश्रा ने संयुक्त रूप से भगवान के स्वरूपों की आरती उतार कर किया गया। इस अवसर पर धर्मेंद्र मिश्रा, बबलू अग्निहोत्री, रॉकी दुबे, सौरभ दुबे, दिनेंद्र मिश्रा, डॉ. नरेंद्र मिश्रा, राधाबल्लभ मिश्रा, गोल्डन श्रीवास्तव, धर्मेंद्र सक्सेना, रामचंद्र दुबे, दीपू मिश्रा, पुष्पेंद्र, ऋषी अग्निहोत्री, राहुल आदि मौजूद रहे।