मैनपुरी। मांगों को लेकर आंदोलनरत विद्युत निगम के संविदा कर्मचारी और लाइनमैनों ने बृहस्पतिवार को कार्य बहिष्कार कर दिया। संबंधित उपकेंद्रों पर धरना देकर मांगों को माने जाने के लिए आवाज उठाई। कार्य बहिष्कार के चलते बिजली फॉल्ट आदि भी सही नहीं किए। इससे विद्युत व्यवस्था प्रभावित हुई।
उप्र विद्युत निविदा संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुबोध कुमार के नेतृत्व में संविदा कर्मचारी और लाइनमैनों ने कार्य बहिष्कार रखा। उन्होंने कहा कि विद्युत निगम में बिजली के तारों की मरम्मत, बिलिंग, ऑपरेटर, बकाया वसूली, डिस्कनेक्शन व अन्य 20 प्रकार के कार्य संविदा पर तैनात विद्युत संविदाकर्मी और लाइनमैनों से लिए जाते हैं। एलटी और एचटी लाइन पर काम करते समय जान जोखिम में डालनी पड़ती है। हर वर्ष लगभग पांच सौ लाइनमैनों की पूरे प्रदेश में करंट से मौत हो जाती है। उनके परिवारों को सहायता भी नहीं दी जाती है। आउटसोर्सिंग से लगाए गए संविदा कर्मचारियों को छह हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। कहा कि अगर सरकार मांगें नहीं मानती है तो वे आंदोलन को और आगे ले जाएंगे। जिले के सभी 56 उपकेंद्रों पर कर्मचारियों ने धरना दिया।
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न्यूनतम मजदूरी 18 हजार की जाए
भोगांव उपखंड कार्यालय पर बृहस्पतिवार को धरना में संविदाकर्मियों ने न्यूनतम मजदूरी 18 हजार रुपये किए जाने के साथ ही मास्टर रोल के आधार पर ही विद्युत विभाग में समायोजित करने, ईपीएफ व ईएसआई में हुए घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। इस दौरान संघ के अध्यक्ष आदेश चतुर्वेदी, राशिद हुसैन, पुष्पेंद्र, सोमपाल, शैलेंद्र सिंह, वीनेश कुमार, मोहित कुमार मौजूद रहे।
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समान वेतन मांगा
कुरावली उपकेंद्र पर संविदाकर्मियों ने एक स्वर में समान कार्य का समान वेतन दिए जाने और सुरक्षा उपकरणों की मांग की। इस अवसर पर विद्युत संविदाकर्मी दुर्गेश कुमार, कन्हैयालाल, रूपराम, गुरविंदर सिंह, सुमित कुमार, आकाश कुमार, विजय सिंह, राजीव कुमार, सत्यवीर सिंह, वीरेश कुमार आदि मौजूद रहे।