चंबल पांटून पुल पर भगवा रंग से रंगे जा रहे पीपे, 65 फीसदी काम पूरा
पिनाहट। चंबल नदी के पिनाहट घाट पर पांटून पुल (पीपों के पुल) को चालू करने की तैयारी तेज हो गई है। पुल के पीपों की मरम्मत के साथ रंगाई-पुताई का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। अब तक करीब 65 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। तेज बहाव से पुल को बचाने के लिए 20 लंगर तैयार किए गए हैं। दीपावली से पहले पुल पर आवागमन शुरू होने की उम्मीद है।
पांटून पुल को लगाने की प्रक्रिया सामान्य तौर पर 15 अक्तूबर से शुरू होती है। पुल को तैयार करने के लिए कारीगर दिन-रात जुटे हुए हैं। पीपों की मरम्मत और रंगाई-पुताई के साथ ही नदी के तेज बहाव से पुल को सुरक्षित रखने के इंतजाम भी किए जा रहे हैं। चंबल नदी के तेज बहाव में पांटून पुल को बहने से रोकने और उसे सीधा रखने के लिए विशेष लंगर तैयार किए गए हैं।
प्रयागराज से पिनाहट पहुंचे कारीगरों ने करीब 20 लंगर बनाए हैं। इन्हें पुल के साथ बांधकर नदी के बीच में डाला जाएगा। इससे पुल को अपनी जगह स्थिर रखने और तेज बहाव के दौरान खिसकने या बहने से बचाने में मदद मिलेगी। पुल का काम पूरा होने के बाद आवागमन शुरू होने से पिनाहट और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती करीब 150 गांवों के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। लोक निर्माण विभाग के एई हरीश कुमार ने बताया दीपावली से पहले पुल पर आवागमन शुरू हो जाएगा।