आगरा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों के चार सेमेस्टर में वोकेशनल कोर्स (रोजगारपरक) पढ़ाए जाने हैं। इसकी नियमावली तैयार करने के लिए समिति बनाई गई है। इसकी पहली बैठक में तय किया गया है कि जिन कॉलेजों में पहले से वोकेशनल कोर्स पढ़ाए जा रहे हैं। उनको भी मानक के अनुरूप ही बनाया जाएगा। प्रत्येक सेमेस्टर में वोकेशनल कोर्स तीन क्रेडिट का होगा।
विश्वविद्यालय की ओर से बनाई गई चार सदस्यीय समिति को सात कॉलेजों में पहले से संचालित वोकेशनल कोर्सेज की सूची भी दी गई थी। किसी कोर्स में पाठ्य सामग्री कम तो किसी में अधिक है। इनको समान रूप से और क्रेडिट के अनुरूप बनाया जाएगा। समिति के सदस्य विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग के प्रो. अजय तनेजा ने बताया कि कॉलेजों में पढ़ाए जा रहे वोकेशनल कोर्स के अलावा कुछ और कोर्स का विकल्प कॉलेजों को पढ़ाने के लिए दिया जाएगा। जिससे विद्यार्थियों के पास अपनी रुचि के अनुरूप वोकेशनल कोर्स को चुनने का विकल्प होगा। अगले हफ्ते में समिति की बैठक होगी। इसमें कोर्स तय कर दिए जाएंगे। समिति में गणित विभाग के प्रो. संजय चौधरी, सेंट जोंस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह और सहायक कुलसचिव, आवासीय इकाई शामिल हैं।