आरोप है कि स्टेनो रकम जेडी से लेकर अन्य तक पहुंचने की कह रहा था। इस आधार पर विजिलेंस ने अपनी जांच की। इसके बाद जाल बिछाया। शनिवार को मिठाई के डिब्बे में तीन लाख रुपये रिश्वत लेते हुए जेडी को गिरफ्तार किया था।
विजिलेंस की कार्रवाई पर शिक्षक संगठन लगातार सवाल उठा रह हैं। उनका कहना है कि जिस स्टेनो पर रिश्वत मांगने का आरोप लग रहा है, वह अब तक फरार है। टीम ने जेडी को फर्जी तरीके से गिरफ्तार कर लिया। उन्हें अपनी बात तक नहीं कहने का मौका दिया।
उधर, एसपी विजिलेंस शगुन गौतम का कहना स्टेनो, दो डीआईओएस, वेतन बाबू सहित अन्य को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। जेडी ने फाइल अपने पास रोकी थी। उन्होंने अब तक क्या किया? यह पता किया जा रहा है।
संपत्ति की होगी जांच
रिश्वत लेने के आरोप में जेल भेजे गए जेडी की संपत्ति की भी जांच होगी। विजिलेंस हर मामले में ऐसा करती है। आरोपी की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा जुटाया जाएगा। आय से अधिक संपत्ति मिलने पर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।