उत्तर प्रदेश के आगरा में बीबीए छात्र निखिल यादव का अपहरण नहीं हुआ था। शेयर बाजार में रकम डूबने पर छात्र ने ड्रामा किया था। अपने ही मोबाइल से परिवार के लोगों को पांच लाख रुपये की फिरौती का मैसेज किया। सिकंदरा पुलिस ने छात्र को नोएडा के एक लॉज में ढूंढ़ निकाला। वह परिजन से रकम लेकर अपना कर्ज चुकाना चाहता था।
घटना सिकंदरा थाना क्षेत्र स्थित आनंद इंजीनियरिंग कॉलेज की है। धर्मपुरा, फरह निवासी निखिल मंगलवार को कॉलेज आया था। इसके बाद परिजन को फोन किया। बताया कि वह जय प्रकाश उर्फ जेपी ने प्लॉट पर कब्जे की सूचना देकर अपने पास बुलाया है। बाद में दोबारा कॉल करके झगड़ा होने की बात कही। इसके बाद फोन काट दिया।
पिता जगमोहन ने बेटे का पता नहीं लगने पर सिकंदरा पुलिस को सूचना दी। इसमें जेपी को नामजद किया गया। पिता ने कहा कि उनका एक प्लॉट है। वह बेटे की तलाश में गए। मगर, वो नहीं मिला। उसके साथ अनहोनी की आशंका है।
पुलिस को मैसेज से हुआ शक
जगमोहन के भाई के साले के मोबाइल पर निखिल के नंबर से वीडियो और मैसेज आ रहे थे। इसमें पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। इसके साथ ही एक वीडियो और फोटो भी था। वीडियो में निखिल को बिस्तर पर गिरते हुए दिखाया गया था। एक फोटो भी था, जिसमें लग रहा था कि वह बेहोश पड़ा है। उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई है। मगर, जिस तरह से मैसेज आ रहे थे, उससे पुलिस को शक हो गया।
लॉज में बनाया वीडियो
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि छात्र की आखिरी लोकेशन नोएडा की थी। मोबाइल बंद हुआ था। इस पर सिकंदरा प्रभारी निरीक्षक नीरज शर्मा के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम को भेजा गया। एक लॉज में निखिल मिल गया। पुलिस ने उसका मोबाइल कब्जे में लिया। वीडियो उसके मोबाइल से ही बना था।
पूछताछ में छात्र ने बताया कि वह शेयर बाजार में पैसा लगाता है। उसकी रकम डूब गई। पांच लाख रुपये का घाटा हो गया। रिश्तेदारों से उधार लेने पर भी रकम नहीं चुक पाई। इस पर उसने खुद के अपहरण का ड्रामा किया। उसे लग रहा था घरवाले रकम दे देंगे। मगर, पुलिस को सूचना देने पर पूरा ड्रामा सामने आ गया।
मोबाइल पर खेलता है गेम
परिजन ने पुलिस को बताया कि बेटा मोबाइल पर हर समय गेम खेलता रहता है। उन्हें बताता था कि वह पढ़ाई के साथ ही 1.50 लाख रुपये महीने की नौकरी कर रहा है। इस कारण उसे कभी मना नहीं किया।