मुजफ्फरनगर में यूपी बोर्ड हाईस्कूल की कॉपी लेकर गए अध्यापक धर्मेंद्र कुुमार की पुलिस आरक्षी ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके विरोध में सोमवार को शिक्षक वर्ग में आक्रोश रहा। जैसे-जैसे शिक्षकों को प्रकरण की जानकारी होती गई, विरोध के स्वर मुखर होते गए।
यूपी बोर्ड की परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के पांचों मूल्यांकन केंद्रों पर सोमवार को शोक सभा आयोजित की गई। वहीं राजकीय इंटर कॉलेज में शिक्षकों ने शोकसभा के बाद मूल्यांकन कार्य स्थगित कर दिया। राजकीय शिक्षक संघ ने प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार को भी मूल्यांकन कार्य के बहिष्कार का निर्णय लिया है।
एमडी जैन इंटर कॉलेज, आरबीएस इंटर कॉलेज, नगर निगम इंटर कॉलेज और एनसी वैदिक इंटर कॉलेज में शोक सभाओं का आयोजन किया गया। यहां शिक्षकों ने मृत शिक्षक के परिजन को नौकरी, 1 करोड़ रुपये मुआवजा और बच्चों की निशुल्क शिक्षा की मांग करते हुए न्याय न मिलने तक काली पट्टी बांधकर विरोध जताने का निर्णय लिया।
राजकीय शिक्षक संघ के मंडलीय मंत्री चंद्र वीर सिंह ने बताया कि मंगलवार को भी प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर राजकीय विद्यालयों के शिक्षक मूल्यांकन कार्य नहीं करेंगे। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. विशाल आनंद ने बताया कि संगठन ने घटना के विरोध में पूरे प्रदेश में मूल्यांकन कार्य नहीं किया गया। मुकेश शर्मा, अजय शर्मा, प्रवीन शर्मा आदि ने शोक व्यक्त किया।
- उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ पांडे गुट के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. भोज कुमार शर्मा, आरबीएस इंटर कॉलेज के प्राचार्य विवेक वीर सिंह, दीपक सिंह, ओमवीर सिंह सोलंकी, जितेंद्र सिंह सेंगर, मुकेश शर्मा, आर्यमित्र आदि ने सभा कर शोक जताया है।
- राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष डॉ. योगेंद्र सिंह की अध्यक्षता में शोकसभा आयोजित की गई। डॉ. देवी सिंह नरवार, मनोज कुमार, डॉ. दुष्यंत कुमार सिंह, डॉ. रचना शर्मा, हरिओम अग्रवाल, अमित माहेश्वरी आदि मौजूद थे।
- राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश के जिलाध्यक्ष जय गोविंद लवानियां, राम शंकर, केपी सिंह सोलंकी, राजेश कुमार आदि ने भी श्रद्धांजलि सभा कर शोक व्यक्त किया।