आगरा। लोगों को प्राकृतिक चिकित्सा का झांसा देकर दो साल में करीब 25 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार करने वाली गो नेचर फर्म की कर चोरी के राज से पर्दा महंगे होटलों के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की डिटेल से हटा। अबतक की जांच में 2021 से फर्म करीब 34 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार दिखा चुकी है। उसी के आधार पर करीब 6 करोड़ रुपये का राज्यकर विभाग टैक्स वसूलने की तैयारी कर रहा है।
दरअसल, प्राकृतिक चिकित्सा के जरिये स्वस्थ रहने की बात कहकर फर्म लोगों को एक से ढाई लाख रुपये तक के पैकेज देती थी। इन पैकेजों के में दो से तीन दिन का महंगे होटलों में स्टे शामिल रहता था। यह रकम लोग नकद दें या चेक से, फर्म लोगों को इनवाॅइस काटकर दे देती थी जिसमें जीएसटी नहीं होता था। चूंकि फर्म खुद को टैक्स फ्री की श्रेणी का बताती थी, ऐसे में वह आईटीसी रिफंड भी नहीं लेती थी।
हालांकि महंगे होटलों की बैलेंस शीट में आईटीसी की एंट्री से फर्म राज्यकर विभाग के अधिकारियों की निगाह में आ गई। इसी के बाद संयुक्त आयुक्त चंद्रकांत रल्हन के नेतृत्व वाली टीम ने फर्म की जांच शुरू की। जांच में पता चला कि फर्म अपने सदस्यों को नए कस्टमर लाने पर दस प्रतिशत बोनस का झांसा देकर ग्राहकों का नेटवर्क खड़ा करती चली गई। फिलहाल विभाग के अधिकारी फर्म पर जल्द से जल्द बकाया टैक्स जमा कराने के लिए जोर दे रहे हैं।