गर्मी में बच्चों में डायरिया और बुखार की परेशानी मिल रही है। एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग और निजी चिकित्सकों के यहां ऐसे बच्चों की संख्या डेढ़ गुना तक बढ़ गई है। चिकित्सक इसकी एक वजह चाऊमीन, बर्गर समेत फास्ट फूड और दूषित स्थानों पर जूस-आइसक्रीम का खाना भी मान रहे हैं।
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इंडियन पीडियाट्रिक्स एसोसिएशन आगरा शाखा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आरएन शर्मा ने बताया कि वायरल फीवर के साथ उल्टी-दस्त, पेट में दर्द से पीड़ित बच्चे अधिक आ रहे हैं। कुल ओपीडी में 60 फीसदी बच्चों को यही परेशानी मिल रही है। परिजन से पूछताछ में बाजार में फास्ट फूड खाने, साफ-सफाई न बरतने वाले स्टॉलों से जूस पीना बताया। परिजन को साफ-सफाई बरतने और पौष्टिक भोजन खिलाने की सलाह दे रहे हैं।
- बच्चों को फल और घर में निकाला गया जूस ही पिलाएं।
- नारियल पानी, छाछ, शिकंजी का अधिक उपयोग करें।
- बच्चों को दाल, चपाती, हरी तरकारी, सलाद और दही खिलाएं।
- शाम को पराठें, तली सामग्री खिलाने से बचाएं।
- दावतों में चाऊमीन, भल्ले खाने से बचाएं।