आसमान से बरस रहीं धवल चांद की रेशमी किरणें, यमुना का शांत किनारा और दुनिया को शांति, अहिंसा और प्रेम का संदेश देने वाले महात्मा गांधी के आराध्य भगवान श्रीराम का गुणगान। कुछ ऐसा ही नजारा था मंगलवार को यमुना पार इलाके में स्थित गांधी स्मारक का, जहां शर्मा बंधुओं के भजनों की गंगा में श्रोता देर रात तक डुबकी लगाते रहे।
ताज महोत्सव के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों की शृंखला में मंगलवार को जीर्णोद्धार के बाद निखरे गांधी स्मारक में भजन संध्या हुई। इसका उद्घाटन मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर ने किया। इसके बाद शर्मा बंधुओं ने प्रभु राम का गुणगान ‘ठुमक-ठुमक चलत राम चंद्र, बाजत पैंजनिया’ के साथ शुरू किया। राम स्तुति ‘श्रीराम चंद कृपालु भजमन हरण भव भय दारुणम्’ के स्वर गूंजे तो लगा कि जैसे यमुना की ओर से बहकर आती शीतल, मंद हवा स्वयं भगवान की आरती को आतुर हो। ‘सूरज की गर्मी से तपते हुए तन को मिल जाए तरुवर की छाया’ भजन ने मन को अनंत शांति और सुकून दिया। फागुन के महीने में करीब दो घंटे तक गांधी स्मारक में ‘राम रस’ की बरसात हुई। इस अवसर पर जिलाधिकारी पंकज कुमार, एडीए उपाध्यक्ष मनीषा त्रिघाटिया, नगर आयुक्त इंद्र विक्रम सिंह, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सीपी सिंह, उप नगर आयुक्त अनिल कुमार, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सरोज रानी गौरिहार आदि मौजूद रहीं। संचालन सुशील सरित ने किया और व्यवस्थाएं ग्लैमर लाइव सूरज तिवारी और उनकी टीम ने संभाली।