महताब बाग में पिछले शुक्रवार को हॉलीवुड फिल्म ‘विक्टोरिया एंड अब्दुल’ की शूटिंग के दौरान स्मारक में एएसआई के नियमों को पैरों तले रौंद दिया गया था। एएसआई की जांच रिपोर्ट में हॉलीवुड फिल्म निर्माता कंपनी को इसका दोषी ठहराया गया है। उन कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की संस्तुति की गई है, जिन्होंने महताब बाग में ट्रकों को आने दिया और अष्टकोणीय फव्वारे के पास खाने-पीने के स्टॉल तक लगाने से नहीं रोका।
ब्रिटिश महारानी विक्टोरिया और उनके शिक्षक आगरा निवासी मुंशी अब्दुल करीम के बीच संबंधों पर आधारित हॉलीवुड फिल्म ‘विक्टोरिया एंड अब्दुल’ की शूटिंग 18 नवंबर को महताब बाग में की गई। एएसआई ने शूटिंग की अनुमति जिन प्रतिबंधों के साथ दी, हॉलीवुड कंपनी ने उन नियमों को न केवल रौंद डाला, बल्कि महताब बाग में चल रहे उत्खनन पर भी खतरा मंडराने लगा। अष्टकोणीय फव्वारे के पास हो रहे उत्खनन से सटाकर खानेपीने के स्टाल लगाए गए, जबकि स्मारक में इनका प्रवेश ही प्रतिबंधित है।
इसी तरह ताजमहल के 500 मीटर दायरे के अंदर शूटिंग टीम के डीजल ट्रक पहुंचे। दो ट्रक स्मारक के अंदर हरियाली को रौंदते हुए भेजे गए। एएसआई उद्यान शाखा के साथ बुकिंग विंडो पर तैनात एएसआई कर्मचारियों ने शूटिंग टीम की मनमानी के आगे हाथ खड़े कर दिए। एएसआई संरक्षण सहायक ने इन सभी कर्मचारियों को भी दोषी ठहराया है। अधीक्षण पुरातत्वविद डा. भुवन विक्रम ने बताया कि महताब बाग मामले में संरक्षण सहायक की रिपोर्ट आ गई है। स्मारक में नियम टूटे हैं और जल्द ही एएसआई एक्ट के मुताबिक शूटिंग की अनुमति लेेने वाली कंपनी पर कार्रवाई की जाएगी।