कई जगह मुख्य गुंबद के पत्थर टूटे
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल की मुख्य गुंबद में मुमताज और शाहजहां की कब्रें हैं। गुंबद के चारों ओर दरवाजों पर फारसी में कुरान की आयतें लिखीं हैं। जिनके अक्षर निकल आए हैं। दीवारों पर पच्चीकारी में लगे बेशकीमती पत्थर भी वक्त के थपेड़ों से जूझ रहे हैं। 350 साल पुराने इस स्मारक पर पर्यटकों की आमद लगातार बढ़ रही है। पश्चिमी दिशा में स्थित शाही मस्जिद के सामने चमेली फर्श से भी पत्थर चटक गए। जिन्हें बदलने का काम एएसआई ने शुरू किया है। ताजमहल में बंदरों की उछल-कूद से पूर्वी व पश्चिमी गेट की बुर्ज के पत्थरों को नुकसान पहुंचा है।
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ताजमहल की उत्तर-पश्चिम मीनार
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दो साल में आए 23.97 लाख पर्यटक
वर्ष 2020-21 और 2021-22 में ताजमहल का दीदार करने के लिए दुनियाभर से 23.97 लाख पर्यटक आए। इस दौरान कोविड के कारण कुछ माह स्मारक बंद भी रहा। फिर भी ताज के लिए लोगों की दीवानगी कम न हुई। 23,97885 पर्यटकों में 22,77,596 भारतीय पर्यटक रहे। 1,20,289 विदेशी पर्यटकों ने पिछले दो साल में ताज को निहारा।
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ताजमहल की उत्तर-पश्चिम मीनार
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ताजमहल पर हुआ खर्च
- वर्ष 2019-20 में 4,73,32112 रुपये
- वर्ष 2020-21 में 4,25,08836 रुपये
- वर्ष 2021-22 में 3,39,54422 रुपये
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