आगरा के ताजमहल और आगरा किला के बीच ताज हेरिटेज कारीडोर (अब मुगल गार्डन) से ताजमहल का वैसा ही दीदार होगा, जैसा ताज के अंदर रॉयल गेट से होता है। ताज के सामने वैसे ही जूलीपर्स (मोरपंख फैमिली का पौधा) नजर आएंगे, जैसे अंदर हैं। उद्यान विभाग मुगलिया बाग को अक्तूबर तक पूरा कर लेगा। चार बाग शैली पर कारीडोर को विकसित किया गया है।
प्रदेश सरकार के उद्यान विभाग ने आगरा किला और ताजमहल के बीच सड़क किनारे की 20 एकड़ जमीन पर चारबाग शैली पर बाग पर हरियाली विकसित करने का काम शुरू किया है। चार ब्लॉक तैयार हो चुके हैं और अब हाथी घाट की ओर हरियाली विकसित की जा रही है।
उद्योग विभाग के अधीक्षक मुकेश कुमार के मुताबिक जैसा व्यू ताजमहल के अंदर नजर आता है, ठीक वैसा ही कारीडोर स्थल से नजर आएगा। यहां ताज की तरह ही जूलीपर्स के पौधे लगाए गए हैं। यह 8 से 10 फुट तक ऊंचाई तक जाएंगे। बड़े होने पर वैसी ही कटिंग कर डिजाइन दी जाएगी।
एएसआई ने शुरू नहीं किया काम
कारीडोर पर नदी किनारे की 20 हेक्टेयर जमीन पर एएसआई को बाग विकसित करना है, लेकिन अभी तक यहां एएसआई काम शुरू नहीं कर सका। इसका टेंडर भी हो चुका है। एएसआई ने 20 हेक्टेयर जमीन को संरक्षित कर मुगल गार्डन का नाम दिया है। यहां भी चार बाग पद्धति पर हरियाली लगाई जाएगी। चार मीटर तक चौड़े पाथवे होंगे और सब-वे तीन मीटर चौड़े होंगे। बाग में बीच में घास और किनारे पर पौधे और हेज लगाई जाएगी।