मैनपुरी। सर्दी का सितम चरम पर है, तापमान आठ डिग्री पहुंच गया है। दफ्तरों में अफसर हीटर लगाकर बैठे हैं। वहीं हाड़ कंपा देने वाली सर्दी में बच्चे बिना स्वेटर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। सरकार से परिषदीय स्कूलों के बच्चों को स्वेटर वितरित करने की व्यवस्था तो है, लेकिन जिले में अभी भी बड़ी संख्या में बच्चों को स्वेटर नहीं मिले हैं। मंगलवार को भी बच्चों को बिना स्वेटर के स्कूलों में ठिठुरते हुए देखा गया।
शासनादेश के अनुसार 30 नवंबर तक जिलेभर के परिषदीय स्कूलों में स्वेटर का वितरण हो जाना चाहिए था। बावजूद इसके 17 दिसंबर तक बड़ी संख्या में स्कूलों में बच्चों को स्वेटर नहीं मिले हैं। इस कारण बच्चे बिना स्वेटर ही इस सर्दी में स्कूल पहुंच रहे हैं। जिन बच्चों पर घरेलू स्वेटर हैं, वह बच्चे इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके साथ ही बड़ी संख्या में बच्चों के पास जूते मौजे नहीं हैं।
जिले के 2186 परिषदीय स्कूलों में एक लाख 38 हजार 822 छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। विभागीय सूत्रों का दावा है कि 30 से 40 हजार बच्चों के अभी तक स्वेटर नहीं मिले हैं। विभाग की ओर से इस संख्या की पुष्टि तो नहीं की गई, लेकिन बेसिक शिक्षाधिकारी का दावा है कि जल्द से जल्द बच्चों को स्वेटर दे दिए जाएंगे।
बेवर में 4065 बच्चों को नहीं मिले स्वेटर
बेवर विकास खंड की नौ न्याय पंचायतों में से तीन न्याय पंचायतों के 4065 बच्चों को मंगलवार तक स्वेटर उपलब्ध नहीं हो सके हैं। इससे बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों ने बीएसए से शीघ्र स्वेटर उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।
बच्चे पहले पहुंचे, शिक्षक बाद में
किशनी। मंगलवार को विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय नगला मदारी में 10 बजे के बाद तक ताला लटकता रहा। 10:26 बजे यहां शिक्षिका प्रियंका पहुंचीं। बच्चों पर स्वेटर भी नहीं थे जिस पर उन्होंने बताया कि संकुल केंद्र से उन्हें स्वेटर अभी तक मिले ही नहीं हैं। वहीं इलाबांस का प्राथमिक विद्यालय मधपुरी भी मंगलवार को 11 बजे खुलता हुआ देखा गया। यहां बताया गया कि संकुल केंद्र से स्वेटर नहीं मिले हैं।
प्राथमिक स्तर पर सभी छात्र-छात्राओं को स्वेटर उपलब्ध करा दिए गए हैं। उच्च प्राथमिक स्तर के लिए आपूर्ति पूरी नहीं हो सकी थी। मंगलवार को ही शेष आपूर्ति हुई है। बुधवार की शाम तक सभी स्कूलों में बच्चों को स्वेटर उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए