आगरा में आलू बीज वितरण धांधली के आरोप में निलंबित सहायक उद्यान निरीक्षक ने रास्ते में ही ट्रकों से बीज को ब्लैक कर दिया था। इसका लखनऊ से आगरा पहुंची तीन सदस्यीय जांच टीम ने खुलासा किया है। उसने उद्यान निरीक्षक के साथ कनिष्ठ लिपिक को दोषी मानते हुए निलंबित किया है। लापरवाही में एक अन्य अधिकारी पर भी कार्रवाई हो सकती है।
बीज वितरण में धांधली मामले में जिलाधिकारी ने सीडीओ की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की थी। इसके दूसरे ही दिन लखनऊ से विशेष सचिव रेशम देवेंद्र कुशवाह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम जांच के लिए आगरा पहुंची थी। उसने जिला उद्यान अधिकारी के साथ अन्य विभाग के लोगों के बयान और किसानों के बयान लिए थे। विशेष सचिव देवेेंद्र कुशवाह के नेतृत्व वाली टीम की जांच में पाया गया है कि उद्यान सहायक निरीक्षक संजीव कुमार ने बीज वितरण केंद्र पर आने से पहले ही बीज की गाड़ियों को रास्ते में ब्लैक कर दिया था। उनकी जांच के अनुसार 17 गाड़ियों से आलू बीज को ब्लैक किया। इसके साथ ही कनिष्ठ सहायक सुनील वर्मा को आलू बीज पंजिका तैयार करने और किसानों को आवेदन संख्या न देने का दोषी माना है।
टूंडला में पुलिस ने पकड़ा था ट्रक
लखनऊ से आगरा बीज लेकर आ रहे ट्रक को उद्यान प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार ने टूंडला टोल के पास रोक दिया था। रात को बीज को अवैध तरीके से दूसरी गाड़ियों में उतारने लगा था। इसकी किसानों को भनक लग गई। उन्होंने पुलिस को सूचना देकर गाड़ी को जब्त करा दिया था।