सर्वे में अस्पतालों में भवन मानक के अनुरूप न होने, अस्पताल के सामने रोड पर्याप्त चौड़ी न होने, अग्निशमन के इंतजाम ठीक न होने, बॉयो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण नियमानुसार न किए जाने और प्रमाणपत्र न होने जैसी कमियां पाई गई हैं।
आगरा स्वास्थ्य विभाग की ओर से कराए गए सर्वे में जिले के 90 फीसदी अस्पतालों में कुछ न कुछ खामी मिली है। अस्पतालों में मिली कमियों का डाटा बनाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी संबंधित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर सर्वे की रिपोर्ट रखेंगे। इस बैठक में तय किया जाएगा कि किस तरह की कमी पर क्या कार्रवाई की जानी है।
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मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि 50 बेड से कम वाले अस्पतालों का सर्वे कराया गया है। शुक्रवार तक 354 अस्पतालों की रिपोर्ट टीमों ने उपलब्ध करा दी थी। शनिवार को 47 और अस्पतालों का सर्वे किया गया। इसमें से कुछ की रिपोर्ट सोमवार तक आ पाएगी।
उन्होंने बताया कि सर्वे में अस्पतालों में भवन मानक के अनुरूप न होने, अस्पताल के सामने रोड पर्याप्त चौड़ी न होने, अग्निशमन के इंतजाम ठीक न होने, बॉयो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण नियमानुसार न किए जाने और प्रमाणपत्र न होने जैसी कमियां पाई गई हैं। 60 से अधिक अस्पतालों में बेसमेंट में मरीज भर्ती पाए गए।
बिना पंजीकरण 6 अस्पतालों में भर्ती मिले मरीज
सीएमओ ने बताया कि अस्पतालों से जुड़ी सूचनाएं 23 बिंदुओं पर जुटाई गई हैं। सर्वे के दौरान टीमों ने अस्पतालों में पहुंचकर अपनी तस्वीर गूगल लोकेशन साथ साझा की। सर्वे से दिशा-निर्देश तैयार करने में भी मदद मिलेगी। सर्वे के साथ उन अस्पतालों का निरीक्षण भी कराया गया, जिन्होंने पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। 6 अस्पतालों में मरीज भर्ती पाए गए। पंजीकरण होने तक चिकित्सीय कार्य पर रोक लगा दी है।