ताजनगरी में उफन रहे सीवर और नाले-नालियों की सफाई न होने की समस्या का सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को स्वत: संज्ञान ले लिया। चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एस अब्दुल नजीर और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने कहा कि सीवर की समस्या से लोग बीमार हो रहे हैं। इसका समाधान होना चाहिए।
पीठ ने ताज के मामलों के याचिकाकर्ता पर्यावरणविद एमसी मेहता और नेशनल एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट ( नीरी) से आगरा जाकर निरीक्षण कर छह सप्ताह में रिपोर्ट देने के लिए कहा है।
ताजनगरी में सीवर समस्या बेहद विकट हो चुकी है। अमर उजाला इसे लगातार प्रकाशित कर रहा है। नगर निगम में रोजाना औसतन 45 शिकायतें सीवर लाइन चोक हो जाने की हैं। शहर में 65 फीसदी लाइनें चोक पड़ी हैं। आवास विकास, शास्त्रीनगर, चंदन नगर, संजय प्लेस, शहीद नगर में स्थिति बहुत खराब है।
लोग धरना प्रदर्शन तक कर चुके हैं। सरकार ने सीवर की सफाई और देखभाल का काम कंपनी बीएटेक बवाग को दे दिया है। यह 15 दिसंबर से काम शुरू करेगी। ताजनगरी में नाले भी चोक हैं। हाल ही में पार्षदों ने शिकायत की है कि 15 बड़े नालों की सफाई नहीं हुई है।