आपूर्ति विभाग की टीम ने 300 किलो सरकारी चावल किया जब्त
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उत्तर प्रदेश के आगरा में आपूर्ति विभाग ने किरावली के रायभा गांव के नगला बुद्धा में सरकारी चावल से भरे 599 प्लास्टिक के कट्टे बरामद किए हैं। इनका वजन 300 किलो से अधिक है। गोदाम में चावल से भरे 62 बोरे बरामद किए हैं। मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।
डीएसओ संजीव सिंह ने बताया कि सूचना पर छापा मारा तो नगला बुद्धा में एक गोदाम के बाहर हरियाणा नंबर का कंटेनर खड़ा था, जिसमें चावल से भरे प्लास्टिक के 100 कट्टे लदे हुए थे। अंदर जाकर देखा तो एक मैक्स गाड़ी खड़ी थी। इसमें 60 कट्टे लदे हुए थे। गोदाम का निरीक्षण किया तो कमरे में राशन सप्लाई के चावल से भरे 62 बोरे रखे हुए थे। इसी में चावल से भरे प्लास्टिक के 377 कट्टे और रखे हुए थे।
इन सभी का औसत 50 किलो वजन है। राशन के चावल की कालाबाजारी खेरागढ़ निवासी सुमित अग्रवाल और रायभा निवासी मनीष अग्रवाल करते हैं। ये अंतरराज्यीय राशन माफिया हैं, जो आपस में साले-जीजा हैं। तीन महीने पहले सुमित अग्रवाल के खेरागढ़ स्थित गोदाम पर छापा मारकर सरकारी चावल जब्त कर चुके हैं। इसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था। चावल जब्त कर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा रहे हैं।
हरियाणा, राजस्थान एमपी तक कालाबाजारी
डीएसओ ने बताया गैंग का सरगना सुमित अग्रवाल है, जो हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश में राशन के चावल की कालाबाजारी करता है। यह आगरा, मथुरा समेत आसपास के जिलों से सरकारी चावल सस्ती दर पर खरीद कर इन राज्यों में बेचता है। इस गैंग में कुछ राशन डीलर भी मिले हुए हैं। गोदाम में मिले बोरों से इसकी पुष्टि हो रही है।
फेरी वालों से एजेंट के जरिए करते हैं खरीद
डीएसओ ने बताया कि कई कार्डधारक चावल को बेचने का भी काम कर रहे हैं। फेरी वाले इनसे 20-25 रुपये प्रति किलो खरीद लेकर एजेंट को बेचते हैं। इससे ये राशन माफिया सुमित खरीदकर कई राज्यों में ढाबा और आटा मिल में कालाबाजारी कर बेच देता था।