पुलिस हिरासत में फंदे से झूला युवक: प्रताड़ना से था प्रताड़ित
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कासगंज की अमांपुर कोतवाली पुलिस की अभिरक्षा में आत्महत्या की कोशिश करने वाले युवक गौरव की उपचार के दौरान मौत हो जाने के बाद पुलिस ने हत्या की धारा में मामला परिवर्तित कर दिया है। पहले परिजनों ने अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ तहरीर दी थी, लेकिन अब एक और तहरीर परिजनों ने कोतवाली पुलिस को दी है। जिसमें कोतवाली के तत्कालीन इंस्पेटर सहित पांच पुलिसकर्मियों के नामों का खुलासा किया है। इसके अलावा किशोरी के पिता को भी पुलिसकर्मियों के साथ नामजद कराया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर सभी के नामों को तहरीर में शामिल कर लिया है। मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच कर रही है।
युवक के पिता रघुराज ने 9 फरवरी को दी तहरीर में किशोरी के पिता व एक रिश्तेदार के अलावा अज्ञात पुलिसकर्मियों पर प्रताड़ना देकर युवक को गंभीर करने के आरोप लगाए थे। बुधवार की दोपहर को युवक की मौत होने के बाद पिता रघुराज सिंह ने आरोपियों के खिलाफ दूसरी तहरीर दी। जिसमें तत्कालीन इंस्पेक्टर यतींद्र प्रताप, उपनिरीक्षक गया प्रसाद, थाने के मुंशी सोनवीर सोलंकी एवं दो सिपाही संजीव बालियान और शिवम दुबे के अलावा किशोरी के पिता वीरपाल को नामजद कराया है। हांलाकि पहली तहरीर में भी किशोरी के पिता व एक रिश्तेदार के नाम का खुलासा किया गया। पुलिस ने मामला परिवर्तित करते हुए विवेचना में पुलिसकर्मियों के नाम जोड़े हैं।
इंस्पेक्टर और उपनिरीक्षक को पहले ही एसपी कर चुकी हैं निलंबित
एसपी अर्पणा रजत कौशिक युवक गौरव के मामले को लेकर पहले ही 9 फरवरी को अमांपुर कोतवाली के इंस्पेक्टर रहे यतींद्र प्रताप एवं उपनिरीक्षक गयाप्रसाद को निलंबित कर चुकी हैं। इस मामले की जांच पड़ताल क्राइम ब्रांच के द्वारा की जा रही है।
दूसरी तहरीर में खोले गए पुलिसकर्मियों के नाम
एसपी अर्पणा रजत कौशिक ने बताया कि युवक के पिता की तहरीर पर पहले ही मामला दर्ज कर लिया था। जिसमें अज्ञात पुलिसकर्मी दिखाए गए थे, लेकिन अब दूसरी तहरीर में पुलिसकर्मियों के नाम खोले गए हैं। जिसके आधार पर पुलिसकर्मियों की नामजदगी की है।