गोवंशों के चारा पानी की व्यवस्था की जिम्मेदारी बीडीओ, एडीओ पंचायत, पंचायत सचिव और प्रधानों को सौंपी गई है। यहां पर अव्यवस्थाएं हावी होने के चलते गोवंश दम तोड़ रहे हैं। सोशल मीडिया पर ट्विट होने के बाद संबंधित विभागीय व अन्य अधिकारी रविवार को जागे। गोशाला में मृत पड़े तीन गोवंशों को जेसीबी से गड्ढा खोद कर दबाया गया। पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को भांप कर गोवंशों को दबाने में सहयोग किया। थानाध्यक्ष दिनेश सिंह ने बताया कि गोशाला में गोवंशों के मृत पड़े होने की सूचना मिली थी। इसके बाद अपने अधिकारियों के साथ ही संबंधित विभागों को बताया गया। कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और गोवंशों को जेसीबी मुहैया कराकर दबाया गया।
केयर टेकर को पीटा गया
सीवीओ ने बताया कि गोशाला में 4 केयर टेकर हैं। इनमें से एक को ग्रामीणों ने पूर्व में पीट दिया था। इसकी वजह से केयर टेकरों में दहशत है। वह ठीक से काम भी नहीं कर पा रहे हैं। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस व अधिकारियों से नहीं की थी। निरीक्षण के दौरान केयरटेकरों ने पिटाई करने की बात बताई है।
निराश्रित गोवंशों से मुक्त होने का दावा झूठा-विहिप
विश्व हिंदू परिषद विभागध्यक्ष अरविंद सिंह चौहान ने कहा कि जिले के अधिकारी प्रदेश सरकार को बदनाम करने में जुटे हुए हैं। मैंने एक अखबार के माध्यम से जाना था कि पांच ब्लॉक अलीगंज, सकीट, अबागढ, जलेसर, निधौली कलां निराश्रित गोवंशों से मुक्त होने का दावा किया गया है। लेकिन विश्व हिंदू परिषद की टीम ने शनिवार को सकीट क्षेत्र का भ्रमण किया तो निराश्रित गोवंश सड़कों पर घूमते पाए गए। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि अधीनस्थों द्वारा फर्जी रिपोर्ट करके प्रशासन को गुमराह किया जा रहा है।
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