सुचेता गांव की जलमग्न गली से होकर गुजरने को मजबूर ग्रामीण।
बिचपुरी। ब्लॉक क्षेत्र के सुचेता गांव में जलभराव की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। अधिकांश गलियां पानी से भरी हुई है। प्राथमिक विद्यालय तक पहुंचना बच्चों के लिए जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन के भीतर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो वे आगामी चुनाव में वोट नहीं डालेंगे।
गांव निवासी धारा सिंह ने बताया कि करीब 10 हजार की आबादी और 800 परिवारों वाले इस गांव में जलनिकासी का कोई स्थायी इंतजाम नहीं है। छोटे बच्चे और बालिकाएं रोजाना पानी से होकर विद्यालय जाने को मजबूर हैं। गांव के देवी सिंह ने बताया कि जलभराव के कारण मुख्य मार्ग भी तालाब जैसा दिखाई देता है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार प्राथमिक विद्यालय से करीब 450 मीटर दूर रेलवे लाइन का नाला और 900 मीटर दूर फतेहपुर सीकरी मुख्य मार्ग स्थित है। विद्यालय से रेलवे लाइन तक पक्का नाला बनाकर उसे मुख्य मार्ग की जलनिकासी व्यवस्था से जोड़ दिया जाए तो समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2021 से लगातार नाला निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बरसात में हालात और बिगड़ जाते हैं। मांग करने वालों में धर्मवीर सिंह बघेल, विनय यादव, देवी सिंह, भूरी सिंह, लीलाधर, सुरेश चंद, लटूरी सिंह, राजकुमार सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं। संवाद