वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से निपटने के लिए शासन स्तर पर बड़े प्रयास किए जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण की आरटीपीसीआर जांच (रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलिमरेस चेन रिएक्शन) के लिए बीएसएल-3 लैब बनकर स्थापित हो गई है। इसका ट्रायल भी सफल हो गया है। अब आईसीएमआर (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद) से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। जल्द ही जनपद में कोरोना संक्रमण की जांच बीएसएल-3 लैब में शुरू हो जाएगी। इसके बाद कोरोना की जांच का दायरा और बढ़ जाएगा।
कोरोना संक्रमण फैलने के बाद शासन ने जनपद के मेडिकल कॉलेज में बीएसएल-3 लैब बनवाने का निर्णय लिया था। पिछले कई महीनों से लैब बनाने का कार्य चल रहा है। इसमें कोरोना संक्रमण की जांच की जाएगी। यह लैब बनकर पूरी तरह तैयार हो गई है। इसका पहला ट्रायल भी डा. लेखा तुली के निर्देशन में सफल हो चुका है।
पहले ट्रायल में 11 सैंपलों की जांच की गई थी। इसमें कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के सैंपिल लिए गए थे। वहीं, स्वस्थ्य लोगों के भी सैंपल लिए गए थे। जो जांच में पूरी तरह सफल रहे। अब मशीन को पूरी तरह से चालू करने के लिए आईसीएमआर की हरी झंडी मिलने का तैयार है। लैब का रिजल्ट आईसीएमआर को भेजा है। जो तय करेगी कि रिजल्ट ठीक है या नहीं। इसके बाद जनपद में भी आरटीपीआर से कोरोना की जांच हो सकेगी। सीएमएस डा. आलोक कुमार
ने बताया कि लैब बनकर तैयार हो गई है, अब कुछ और प्रकियाएं हैं। आईसीएमआर से अनुमति मिलने के बाद जांच प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।