देसी गायों की नस्ल सुधार पर सरकार निशुल्क दे रही सीमन
मंत्री ने कहा पशुपालक गाय का दूध निकालकर खुले में छोड़ देते हैं, यह गलत बात है। ऐसे लोगों को चिन्हित कर जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही बोले, किसान देसी गाय इसलिए छोड़ देता है क्योंकि वह दूध कम देती है। सरकार इसकी नस्ल सुधार पर काम कर रही है। इसके लिए थारपार, गंगातीरी अन्य गायों का सीमन निशुलक दिया जा रहा है।
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जिले में 25 हजार से ज्यादा संरक्षित हैं गोवंशीय पशु
विभागीय अधिकारी सीवीओ डॉ. विपिन गर्ग ने बताया कि जिले में 7 वृहद गोआश्रय स्थल व 59 अस्थायी गोआश्रय स्थल संचालित हैं, जिसमें 25129 गोवंश संरक्षित हैं। जनपद में निराश्रित गोवंश को संरक्षित करने के उद्देश्य से संचालित किए गए अभियान के दौरान लगभग 5000 गोवंश को संरक्षित किया गया है। वहीं प्रदेश भर में करीब 12 लाख गाय संरक्षित हैं। इनकी सेवा के लिए प्रत्येक दिन सरकार करीब 8 करोड़ रुपये खर्च करती है। साथ ही एक करोड़ 80 लाख से वृहद गोशालाओं का भी निर्माण हो रहा है।
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