बारहवीं कक्षा के बाद अब छात्रों के लिए उच्च शिक्षा और कॅरिअर के बेहतर विकल्प शहर में ही उपलब्ध हैं। वे इंटर के बाद ही एमबीए और एमसीए कर सकेंगे। इसमें उन्हें स्नातक करने के बाद अलग से प्रवेश लेने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। वे इंटीग्रेटेड एमबीए और एमसीए जैसे प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों में शामिल हो जाएंगे। इसके साथ ही बीबीए और बीसीए जैसे स्नातक स्तर पर पाठ्यक्रम भी छात्रों के लिए उपलब्ध हैं।
राजा बलवंत सिंह टेक्निकल कैंपस, खंदारी के निदेशक प्रो. एएन सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में छात्रों को ऐसी शिक्षा की आवश्यकता है जो उन्हें केवल डिग्री ही नहीं बल्कि रोजगार भी दे। उन्होंने बताया कि 12वीं के बाद छात्र पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड एमबीए और एमसीए पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकते हैं। इससे विद्यार्थियों का समय बचता है और वे शुरू से ही अपने लक्ष्य के अनुरूप शिक्षा पाते हैं। वहीं, स्नातक के बाद छात्रों के लिए एमबीए और एमसीए के दो वर्षीय पाठ्यक्रम भी उपलब्ध हैं।
एमबीए पाठ्यक्रम के अंतर्गत ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट, मार्केटिंग, फाइनेंस, इंटरनेशनल बिजनेस, आईटी और ऑपरेशंस मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने का अवसर मिलता है। वहीं एमसीए के विद्यार्थियों को प्रोग्रामिंग, वेब डेवलपमेंट, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने बताया कि संस्थान में पूरे वर्ष विभिन्न कंपनियां प्लेसमेंट के लिए आती हैं।
एआईसीटीई से अनुमोदित है संस्थान
प्रो. सिंह ने बताया कि संस्थान के सभी पाठ्यक्रम डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (एकेटीयू), लखनऊ से संबद्ध और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से अनुमोदित हैं। यहां विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों और प्रबंधन कौशल से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाता है।
सीट का विवरण
बीबीए- 60 सीट
बीसीए- 60 सीट
इंटीग्रेटेड एमबीए- 60 सीट
इंटीग्रेटेड एमसीए- 120 सीट
स्नातक के बाद प्रवेश
एमबीए- 180 सीट
एमसीए- 60 सीट