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सुविधा: अब घर बैठे अंकपत्र की गड़बड़ी ठीक करा सकेंगे छात्र, विश्वविद्यालय की ऑनलाइन हेल्प डेस्क शुरू

Wed, 02 Jun 2021 11:25 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर का कहना है कि विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन हेल्प डेस्क का आईकॉन दिया हुआ है। इस पर छात्र-छात्राओं को क्लिक करना होगा। 
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की ओर से ऑनलाइन हेल्प डेस्क की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जाकर छात्र-छात्राएं ऑनलाइन अंकपत्र की गड़बड़ियों को ठीक करा सकेंगे। इसके अलावा एनरोलमेंट, प्रीवियस मार्क्स वेटिंग (पीएमडब्ल्यू) के अलावा अन्य समस्याओं का समाधान कर सकेंगे। वेबसाइट http://www.dbrau.org.in पर जाकर फॉर्म भरना होगा। 

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कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने बताया कि छात्र-छात्राओं और विवि के कर्मचारियों के हित में यह निर्णय लिया गया है। आगरा व अलीगढ़ मंडल के आठ जिलों के छात्र-छात्राओं को विवि विभिन्न कार्यों से आना पड़ रहा है।

कोरोना संक्रमण के इस दौर में यात्रा करना और लाइन में लगना खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए हेल्प डेस्क को ऑनलाइन किया गया है। मंगलवार को नई व्यवस्था का परीक्षण भी कर लिया गया। बुधवार से ऑनलाइन हेल्प डेस्क पर प्राप्त होने वाले प्रार्थनापत्रों का निस्तारण किया जाएगा। 

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ये प्रकिया अपनाई जाएगी
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर का कहना है कि विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन हेल्प डेस्क का आईकॉन दिया हुआ है। इस पर छात्र-छात्राओं को क्लिक करना होगा। उनके सामने विकल्प आएगा कि वह किस तरह की समस्या का समाधान चाहते हैं। इसमें अंकपत्र में संशोधन (नाम, माता-पिता के नाम, रोल नंबर, प्राप्तांक, विषयों की गलती आदि), पीएमडब्ल्यू, पीएमडब्ल्यू आदि समस्याओं के समाधान के लिए भी आवेदन किया जा सकता है।

आवेदन करने पर एक शिकायत नंबर मिलेगा। वहीं, आवेदन के साथ ही जरूरी प्रमाण पत्रों को अपलोड करना होगा। छात्र-छात्राओं को अपने मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी भी देनी होगी। यदि आवेदन में कोई कमी होगी तो हेल्प डेस्क का स्टाफ उसे देखने के बाद आवेदक को फोन या ई-मेल के माध्यम से सूचित कर देगा। जरूरी प्रमाण पत्र मंगा लेगा। जो आवेदन पूरी तरह से सही होंगे, उन्हें एजेंसी को ठीक करने के लिए भेज दिया जाएगा। 
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शिकायत नंबर से आवेदन को ट्रैक भी कर सकेंगे
ऑनलाइन हेल्प डेस्क पर आवेदन के बाद छात्र-छात्राएं जो शिकायत नंबर मिलेगा, उसे डालकर समस्या के समाधान की स्थिति भी पता कर सकेंगे। वहीं, जिन छात्रों को ऑनलाइन आवेदन में कोई समस्या आती है और वह हेल्प डेस्क पहुंचते हैं, तो उनसे प्रार्थनापत्र लेकर ऑनलाइन कर दिया जाएगा। 

दूसरे जिले के छात्रों को स्पीड पोस्ट से भेजे जाएंगे अंकपत्र
जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि अंकपत्र में संशोधन होने के बाद दूसरे जिलों के छात्र-छात्राओं को स्पीड पोस्ट से अंकपत्र भेज दिए जाएंगे। वहीं, जिले के छात्र-छात्राओं को फोन से बता दिया जाएगा, वह हेल्प डेस्क पर पहुंचकर अपना अंकपत्र ले सकेंगे।
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