छात्रों की मांग थी कि सक्षम अधिकारी उनकी समस्याओं का समाधान का आश्वासन दें तो वे लौटेंगे। हेल्प डेस्क के माध्यम से काम नहीं हो रहा है। बाद में पुलिस पहुंच गई। चीफ प्रॉक्टर प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने सभी से प्रार्थनापत्र लिया। एक छात्रा की बीएससी द्वितीय व तृतीय वर्ष की अंकतालिका जारी कराई, इसके बाद सभी लौटे।
पांच दिन से ऑनलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए गए
विश्वविद्यालय प्रशासन चाह रहा है कि विवि में छात्र-छात्राओं की भीड़ न बढ़े। जबकि पांच दिन से ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था बंद है। छात्र-छात्राओं को मजबूरी में विवि की दौड़ लगानी पड़ रही है। दूरदराज से विद्यार्थी पहुंच रहे हैं। उनका काम नहीं हो रहा।
वेबसाइट के प्रभारी प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि सर्वर पर लोड बढ़ने की वजह से ऑनलाइन आवेदन को बंद किया गया था। मुख्य परीक्षा के प्रवेशपत्र अपलोड होने में दिक्कत आ रही थी। परीक्षा फॉर्म भी भरे जा रहे थे। ऑनलाइन आवेदन मंगलवार को खुलवा दिया गया।