आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक स्नातक द्वितीय और परास्नातक अंतिम वर्ष के किसी भी पाठ्यक्रम का परीक्षा परिणाम जारी नहीं किया जा सका है। इसका असर प्रवेश और पढ़ाई पर पड़ रहा है। परास्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश नहीं बढ़ रहे। वहीं, परास्नातक अंतिम वर्ष की कक्षाएं नहीं लगाई जा रही हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन को शासनादेश के अनुरूप 31 अगस्त तक सभी पाठ्यक्रमों के परिणाम जारी करने थे।
विश्वविद्यालय ने अभी तक 35 पाठ्यक्रमों के परिणाम जारी किए गए हैं। इसमें बीए, बीएससी, बीकॉम, बीकॉम वोकेशनल प्रथम वर्ष के साथ एमए और एमएससी के 28 पाठ्यक्रमों के परिणाम जारी किए गए हैं। इनकी परीक्षा नहीं कराई गई थी, छात्रों को प्रोन्नत किया गया है। महज तीन ऐसे पाठ्यक्रमों के परिणाम जारी किए जा सके हैं, जिनकी परीक्षा कराई गई थी। इसमें बीकॉम वोकेशनल अंतिम वर्ष, बीएससी अंतिम और बीकॉम अंतिम वर्ष का परिणाम शामिल है। अभी बीए अंतिम वर्ष का भी परिणाम जारी होना बाकी है।
स्नातक द्वितीय वर्ष के पाठ्यक्रमों के परिणाम न आने से कॉलेजों में तृतीय वर्ष की कक्षाएं नहीं लगाई जा रही। कॉलेजों ने द्वितीय वर्ष की कक्षाएं तो लगानी शुरू कर दी है। वजह प्रथम वर्ष के छात्रों को प्रोन्नत किया गया था। तृतीय वर्ष की कक्षाएं लगाने के लिए कॉलेज प्रशासन द्वितीय वर्ष का परिणाम जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर का कहना है कि एक हफ्ते में अधिकतर परिणाम जारी कर दिए जाएंगे। तेजी से काम चल रहा है।
सात सितंबर के बाद कोई परिणाम नहीं आया
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से शैक्षणिक सत्र 2020-21 का पहला परिणाम ही 31 अगस्त को बीकॉम व बीकॉम वोकेशनल प्रथम वर्ष का जारी किया गया। उसके बाद एक, दो और चार सितंबर को परिणाम जारी किए गए। सात सितंबर को बीएससी तृतीय वर्ष का परिणाम आया, उसके बाद से कोई परिणाम जारी नहीं किया गया है।