उत्तर प्रदेश के आगरा में शहर की पॉश कॉलोनियों, गांव और गलियों तक छुट्टा सांड और गाय लोगों की जान ले रहे हैं। प्रशासन बेबस है। तमाम कवायदों के बाद भी छुट्टा गोवंश से निजात नहीं मिल रही। ये स्थिति तब है जब एक नवंबर से जिले में डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने छुट्टा गोवंश संरक्षण के लिए अभियान चलाने के आदेश दे रखे हैं। छुट्टा गोवंश के हमले अभियान की पोल खोल रहे हैं।
बरहन के गांव मुखवार में मंगलवार को मीरा देवी पत्नी देवेश कुमार शाम 4 बजे घूरे पर कूड़ा डालने गईं थीं। जहां गाय ने सींग से महिला का पेट फाड़ दिया। गंभीर घायल मीरा देवी जिंदगी के लिए निजी अस्पताल में जूझ रहीं हैं।
खंदौली के खेरिया गांव में खेत पर मंगलवार को मवेशी भगाते समय 45 वर्षीय राकेश पर सांड़ ने हमला कर दिया। अन्य किसानों ने राकेश को सांड़ के हमले से बचाया। गंभीर रूप से घायल किसान का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
कमला नगर निवासी प्रशांत गुप्ता 16 अगस्त को सुबह साइकिल से दूध लेने जा रहे थे। रास्ते में छुट्टा सांड ने उन पर हमला कर दिया। सिर व छाती में गंभीर चोटें लगीं। करीब 10 दिन अस्पताल में इलाज चला। 26 अगस्त को प्रशांत गुप्ता ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।