1. गिरोह 300 से ज्यादा, पंजीकृत सिर्फ 82
पुलिस ने पिछले तीन साल में 300 से ज्यादा गैंगस्टर एक्ट लगाए हैं। इसका अर्थ यह है कि जिले में गिरोह की संख्या भी 300 से ज्यादा है। लेकिन पंजीकृत गिरोह सिर्फ 82 हैं। दरअसल, पंजीकृत वे ही गिरोह किए गए हैं जो लगातार सक्रिय हैं और जिनका रिकार्ड पुलिस के पास है।
2. इनामी होकर भी 65 अपराधी हाथ नहीं आए
पुलिस रिकार्ड में 65 ऐसे अपराधी हैं जिनकी गिरफ्तारी पर इनाम है। इसके बावजूद इन्हें पकड़ा नहीं जा सका है। हालांकि इस साल पुलिस 90 इनामी अपराधियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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एसएसपी बबलू कुमार, आगरा
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सबसे पुराना गिरोह : मोहन डॉन का। डॉन मर चुका है। न्यू आगरा में गिरोह 1997 में पंजीकृत हुआ। सदस्य जेल में हैं।
सबसे नया गिरोह : यह मलपुरा के संतोष यादव का है। इसके सदस्य जेल में हैं। यह गिरोह भाड़े पर हत्या करता है।
सबसे बड़ा गिरोह : यह सैंया के राम नरेश का है। लूट और अपहरण करता है। इस गिरोह में 21 सदस्य हैं।
सबसे ज्यादा वारदात : बाइकर्स गैंग सबसे ज्यादा वारदात कर रहा है। दस से ज्यादा गिरोह हैं। चेन, पर्स और मोबाइल लूटते हैं।
8,960 अपराधियों की कुंडली बनाई है
ईगल मोबाइल से सत्यापन कराकर 8,960 अपराधियों का डोजियर तैयार कराया गया है। इनके परिजन, रिश्तेदार, छिपने के ठिकाने, अब तक किए अपराध, मोबाइल नंबर तक की जानकारी इसमें है। इससे न केवल अपराधियों पर नजर रखने में मदद मिलेगी बल्कि फरार अपराधी को पकड़ने में सुविधा भी होगी - बबलू कुमार, एसएसपी