जैथरा कस्बे में दो पक्षों में विवाद हो गया। लाठी-डंडे चले और फायरिंग भी हो गई। सूचना पर पुलिस टीम पहुंची तो उस पर भी पथराव और फायरिंग कर दी गई। इसमें जैथरा थाने के तीन आरक्षी जख्मी हुए हैं। घटना के बाद पुलिस ने 35 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की और इनमें से छह को गिरफ्तार कर लिया।
कस्बा के मोहल्ला शास्त्री नगर में पुरानी रंजिश को लेकर बुधवार की रात करीब 8.30 बजे दो पक्षों में विवाद हुआ था। स्थानीय लोगों के मुताबिक दिनेश पक्ष द्वारा सत्यपाल पक्ष के एक बच्चे की किसी बात को लेकर पिटाई कर दी गई। इसका सत्यपाल पक्ष की महिलाओं ने विरोध किया और मामला तूल पकड़ गया। दोनों पक्षों में हाथापाई, लाठी-डंडे चलने के बाद पथराव के साथ फायरिंग भी होने लगी।
कस्बे के लोगों का कहना है सूचना के करीब 30 मिनट बाद डायल 112 की गाड़ी पहुंची, जबकि बड़ा बवाल और फायरिंग होने की जानकारी पुलिस को दी गई थी। इसके बावजूद पूरी तैयारी से पुलिस नहीं पहुंची। वहां पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों ने थाने पर हालात बताकर डायल 112 की एक और गाड़ी में पुलिस फोर्स बुलाया। उच्चाधिकारियों को भी मामले की जानकारी दे दी गई। इसके बाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
इस दौरान करीब दो घंटे तक मोहल्ले में दहशत का माहौल रहा। थानाध्यक्ष सुधीर राघव ने बताया कि झगड़े की सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी। इस दौरान दोनों पक्षों द्वारा पुलिस पर फायरिंग और पथराव शुरू कर दिया गया। मामले में 13 नामजद और 22 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
मोहल्ले में रात भर पुलिस की कार्रवाई चलती रही। हालांकि घटना को लेकर अगले दिन बृहस्पतिवार को भी मोहल्ले के लोग दहशत में दिखे। लोगों का कहना था कि होली का त्योहार है, पुलिस पर जानलेवा हमला हुआ है। ऐसे में सभी लोग डरे हुए हैं। त्योहार अच्छे से मन जाए, इसके लिए सभी लोग भगवान से दुआ कर रहे हैं।
कस्बे में बुधवार रात सत्यपाल और दिनेश पक्ष में विवाद हुआ था। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि एक आरोपी दबंग प्रवृत्ति का है। वह छह माह पहले ही जेल से छूट कर आया है।
कस्बे के लोगों का कहना है थाने से घटनास्थल की दूरी लगभग 500 मीटर है। लाठी-डंडे चलने के बाद फायरिंग भी हुई। इसके बावजूद थाना पुलिस को फायरिंग की भनक नहीं लगी। जब फोन कर सूचना दी गई तब पुलिस मौके पर पहुंची।