विश्वविद्यालय में पिछले कई सालों में हुए भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों की की जांच एसटीएफ करेगी। नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी जांच के घेरे में आएगा, उससे पूछताछ होगी। विश्वविद्यालय में हुए निर्माण कार्य, परीक्षा, नकल, भर्तियों, जिनमें भी भ्रष्टाचार की शिकायत है, उनकी जांच की जाएगी। मुकदमे दर्ज कर दोषियों को गिरफ्तार भी किया जाएगा।
गोपनीय तरीके से भी ली जाएगी लोगों से जानकारी
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वॉइस लॉगर टेलीफोन नंबर और ईमेल आईडी जारी की जा रही है। इस पर कोई भी व्यक्ति अपनी सूचना दर्ज करा सकता है। उनका नाम गोपनीय रखा जाएगा। वॉइस लॉगर में आने वाली शिकायत को कर्मचारी सुनेंगे। यह एक साक्ष्य के रूप में भी होगा।
इसमें हर काल आटोमेटिक रिकार्ड होगी, जिससे कोई भी उच्च अधिकारी उसे सुन सके। कॉल करने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। काल करने वाले से नाम नहीं पूछा जाएगा।
विश्वविद्यालय के कर्मचारी को कोई साक्ष्य या जानकारी देनी हो तो वह आसानी से दे सकेंगे।
शासन को भेजेंगे रिपोर्ट
भ्रष्टाचार से संबंधित जो भी मामला सामने आएगा, उनमें शासन को विस्तृत रिपोर्ट दी जाएगी। इसके बाद मुकदमे भी दर्ज किए जाएंगे। पुलिस भी अपनी जांच अलग से करेगी। दोनों टीमें समन्वय में से काम करेंगी।