एसटीएफ निरीक्षक हुकुम सिंह के मुताबिक, अभिषेक सॉल्वर गैंग का सरगना है। उससे पूछताछ में पता चला कि बुलंदशहर निवासी प्रिंस कुमार उसके साथ दिल्ली के मुखर्जी नगर में केडी कैंपस कोचिंग सेंटर में वर्ष 2018 में पढ़ रहा था। प्रिंस को अभिषेक पुलिस भर्ती परीक्षा में सॉल्वर के रूप में लाया था। उसने अलीगढ़ के गोंडा निवासी जितेंद्र, रजत और अमित की लिखित परीक्षा दी थी। इसमें रजत और अमित कुमार पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हो गए। ट्रेनिंग के बाद अमित को मुजफ्फर नगर और रजत को फतेहपुर में तैनाती मिली है।
रामप्रकाश, पंकज और रवि कुमार की जगह खुद अभिषेक ने लिखित परीक्षा दी थी। तीनों लिखित परीक्षा में पास हो गए। दौड़ के समय रामप्रकाश और पंकज का बायो मेट्रिक मिलान नहीं हो सका। इसलिए वो भर्ती नहीं हो सके। रवि की भर्ती हो गई। वह इटावा में तैनात है।
तीन सिपाही सहित छह फरार
आरोपियों के खिलाफ थाना एत्माद्दौला में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने समेत अन्य धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमे में तीन सिपाही सहित छह आरोपी वांछित हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम लगी है। सभी फरार हो गए हैं।
एसटीएफ की पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपी अभिषेक के साथ प्रिंस के अलावा हाथरस के सहपऊ का राहुल गोस्वामी भी काम करता है। उसने वर्ष 2018 में अपना बायो मैट्रिक कराकर परीक्षा दी थी। इसके लिए अभ्यर्थियों से चार लाख रुपये तक लिए थे। अभिषेक पूर्व में थाना ताजगंज पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भी भेजा था।
ये भी पढ़ें: आगरा: कूलर हटाने के विवाद में महिला की सरिया मारकर हत्या, बेटी को भी पीटा, आरोपी गिरफ्तार
आगरा: पुलिस भर्ती परीक्षा में सेंध लगाने की कोशिश, दो सॉल्वर गिरफ्तार