फिरोजाबाद में हवाला से जुड़े एक चूड़ी कारोबारी को लखनऊ एसटीएफ ने शुक्रवार को सुबह दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। चूड़ी कारोबारी को पुलिस लखनऊ ले गई। चूड़ी कारोबारी को छुड़ाने के लिए भाजपा नेताओं के साथ कई लोग थाना उत्तर पहुंचे। चूड़ी व्यापारी ने 14 क्विंटल गांजे की तस्करी का भुगतान ऑनलाइन किया था। लखनऊ एसटीएफ ने चूड़ी व्यापारी के पास से दस्तावेज भी बरामद किए हैं।
यहां का है मामला
उत्तर थाना क्षेत्र के मोहल्ला हनुमान रोड निवासी वरुण कुमार गुप्ता चूड़ी कारोबार करता है। गली बोहरान में चूड़ी का कारोबार है। थाना प्रभारी उत्तर नरेंद्र शर्मा ने बताया कि चूड़ी कारोबारी पिछले काफी समय से हवाला का काम भी कर रहा था। शुक्रवार सुबह लखनऊ एसटीएफ की टीम थाना उत्तर पहुंची। मामले से अवगत कराया। स्थानीय पुलिस के साथ दबिश देकर वरुण कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपी को पुलिस थाना उत्तर ले आई। यहां उससे पूछताछ की गई। इसके बाद एसटीएफ की टीम लखनऊ ले गई।
भाजपा नेताओं की नहीं चली
चूड़ी कारोबारी को छुड़ाने को कई भाजपा नेता और सामाजिक संगठन के लोग भी थाने पहुंचे। तीन घंटे से अधिक समय तक भाजपा नेता थाने में व्यापारी को छुड़ाने की पैरवी करते दिखाई दिए। लेकिन पुलिस ने चूड़ी व्यापारी को नहीं छोड़ा और उसके अपने साथ ले गई। थानाध्यक्ष उत्तर नरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि चूड़ी व्यापारी वरुण हवाला से भुगतान कर रहा था। उसने कुछ समय पूर्व 14 क्विंटल गांजे का भुगतान ऑनलाइन किया था। इसके साथ ही अन्य भुगतान भी किए थे। लखनऊ एसटीएफ उनको गिरफ्तार कर ले गई है।
ललितपुर में दर्ज है मुकदमा, एसटीएफ कर रही जांच
थनाध्यक्ष उत्तर नरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि चूड़ी कारोबारी व्हाट्सएप के माध्यम से हवाला कारोबार से जुड़े अपने साथियों से कोडवर्ड में बात करता था। कोडवर्ड था - तीन बीयर के पैसे दे देना। यानि तीन क्विंटल गांजे का भुगतान किया जाना है। इसके साथ ही एक पर्ची व्हाट्सएप की जाती थी। इस पर्ची को टोकन कहा जाता था। व्हाट्सएप पर पर्ची आने के मतलब यह होता था कि माल ठिकानें पर पहुंच चुका है और अब भुगतान किया जाना है।
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कोडवर्ड का भी पता चला
इसके साथ ही 10 और 20 रुपये का जिक्र भी कोडवर्ड के रुप में किया इस्तेमाल किया जाता था। 10 और 20 रुपये का कोडवर्ड किस के लिए किया जाता था। इसकी जानकारी पुलिस नहीं दे सकी है। व्हाट्सएप पर एक लाल डायरी का भी जिक्र था, लेकिन वह लाल डायरी पुलिस के हाथ नहीं लग सकी। चूड़ी कारोबारी की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस के हाथ एक कॉपी भी लगी। जिस पर लाखों रुपये का लेनदेन किए जाने का जिक्र है। इस लेनदेन के बारे में भी कारोबारी चुप्पी साधे रहा।
कॉल रिकॉर्डिंग भी मिली
एसटीएफ लखनऊ द्वारा चूड़ी व्यापारी के पास से जो मोबाइल फोन बरामद किया गया था। उसमें कॉल रिकॉर्डिंग भी मिली है। इसलिए एसटीएफ चूड़ी व्यापारी के फोन को अपने साथ ले गई है।