फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एटा: मां के हाथ से मासूम को छीन ले गया कुत्ता, नोंचा सिर, हालत गंभीर

Sat, 09 Mar 2019 07:04 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
विज्ञापन
कुत्ते के हमले में घायल बच्ची - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

एटा जिले में आवारा कुत्ते खूंखार हो गए हैं। शनिवार को एक कुत्ते ने मां और दादी के साथ बाजार जा रही मासूम बच्ची पर हमला कर दिया। कुत्ता बच्ची को मां के हाथ से छुड़ाकर खींच ले गया। वो करीब 50 मीटर तक उसे घसीटता रहा। स्थानीय लोगों ने बमुश्किल मासूम की जान बचाई और आनन फानन में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। मासूम की हालत गंभीर बनी हुई है।

विज्ञापन

 
शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव इूखू फरिहा निवासी धर्मेंद्र की पत्नी और उनकी मां बाजार जा रहीं थीं। उनके साथ उनकी तीन वर्षीय मासूम बच्ची दिव्यांशी भी थी। गांव से निकलते ही कुछ दूरी पर एक खूंखार कुत्ता मासूम दिव्यांशी को मां के हाथ से छुड़ाकर खींच ले गया। 

कुत्ते ने दिव्यांशी के सिर को अपने जबड़ों में दबा लिया और पचास मीटर तक घसीटते हुए दौड़ता रहा। बच्ची और महिलाओं की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग कुत्ते के पीछे दौड़े। लोगों से घिरता देख कुत्ता बच्ची को छोड़कर भाग गया। घटना में दिव्यांशी गंभीर रूप से घायल हो गई। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सिर से मांस नोंच ले गया कुत्ता

कुत्ता उसके सिर का मांस नोच ले गया, जिससे उसके सिर से खून बह रहा था। घायल बच्ची को आनन फानन परिजन जिला अस्पताल लेकर आए। गनीमत रही कि शनिवार को एंटी रैबीज मौजूद होने की वजह से बच्ची को तत्काल इलाज दिया गया। देर शाम तक बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई थी। चिकित्सकों ने परिजनों से बच्ची को बाहर ले जाने की सलाह दी है।
 
जिले आवारा कुत्ते हर माह दो हजार से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। यह आंकड़े सरकारी अस्पताल में लगने वाले एंटी रैबीज इंजेक्शन के
आधार पर हैं। जब कि आधे से ज्यादा लोगों को समय पर इंजेक्शन नहीं मिल पाते हैं और जिसकी वजह से लोग असमय मौत का शिकार हो जाते हैं। 

पिछले साल हुईं थी दो मौत 
वर्ष 2018 के नवंबर माह में बागवाला क्षेत्र के गांव लभेंटा निवासी सुजान सिंह की कुत्ता काटे का इंजेक्शन नहीं मिलने से मौत हो चुकी है। इस घटना से परिजन काफी भयभीत थे जिसकी शिकायत मृतक के भतीजे ने की थी। वहीं निधौली कलां क्षेत्र के मोहल्ला अंती निवासी भगवान सिंह पुत्र सरदार सिंह को खेत पर काम करते समय कुत्ते ने काट लिया था, उनकी भी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। 

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. केपी सिंह ने बताया कि कुत्तों की नसबंदी करने के लिए हमारे पास सर्जन नहीं है। जिसकी वजह से कुत्तों की नसबंदी नहीं हो पा रही है। वहीं टीम भी बाहर से आती हैं लेकिन ऐसा कोई प्रावधान अथवा आदेश हमें नहीं मिला है। नसबंदी ऑपरेशन कराने के लिए एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया की निगरानी होते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें