भगवान श्री कृष्ण की सखी बनकर श्री कृष्ण जन्मभूमि की जमीन को सबसे पहले मुक्त कराने के लिए वाद दाखिल करने वाली सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री के जिला जज की अदालत में चल रहे वाद पर रिवीजन में सुनवाई की 18 अगस्त की तारीख तय की है। जिला जज की अदालत में शाही ईदगाह के सचिव ने मंगलवार को समय मांगा है। इसके बाद अदालत ने सुनवाई स्थगित कर दी।
सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री की ओर से सिविल जज की अदालत में वाद पेश किया गया। अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया। इसके बाद वादी ने जिला जज की अदालत में अपना दावा पेश किया। जिला जज की अदालत में वाद की रिवीजन में सुनवाई होना तय हुई। लगातार चल रही सुनवाई में रिवीजन में बहस चल रही थी। मंगलवार को इस बहस का आखिरी दिन था। लेकिन वाद के दूसरे नंबर के प्रतिवादी शाही ईदगाह के सचिव एडवोकेट तनवीर अहमद ने अदालत से समय मांग लिया। इस कारण अदालत में अंतिम सुनवाई नहीं हो सकी। वादी रंजना अग्निहोत्री के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने बताया कि अदालत में शाही ईदगाह के सचिव की ओर से समय ले लिया गया है। जिसके चलते सुनवाई नहीं हो सकी। शाही ईदगाह के सचिव तनवीर अहमद ने बताया कि उनके अधिवक्ता अस्वस्थ थे। इस कारण उन्होंने अदालत से समय मांगा है। वहीं, डीजीसी शिवराम तरकर ने बताया कि अब इस मामले की सुनवाई 18 अगस्त को होगी।