'मां तुझे प्रणाम' के तहत आयोजित वीरांगना सम्मान समारोह में स्क्वाड्रन लीडर एके सिंह ने कहा कि देश पर शहीद होने वालों को हमेशा यादों में जिंदा रखना चाहिए। मेरे कानों में आज भी अंतिम बिगुल की आवाज गूंजती है।
उत्तर प्रदेश के आगरा में वीरांगना सम्मान समारोह में एमपीएस वर्ल्ड स्कूल के प्रबंध निदेशक और स्क्वाड्रन लीडर एके सिंह ने कहा कि मेरे कानों में अंतिम बिगुल की आवाज हमेशा गूंजती रहती है। उन शब्दों को कभी नहीं भूल पाता हूं। वीर नारियों का सम्मानित कर समाज खुद को गौरवान्वित महसूस करता है।
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उन्होंने कहा कि फौजी देश पर शहीद होता है, लेकिन उसके पीछे परिवार का जीवन संघर्ष भरा हो जाता है। यह वीर नारी होती है, जो सभी बाधाओं को पार कर अपने बच्चों को फिर से सेना की सेवा के लिए तैयार करती हैं। जवानों की शहादत के बाद ऐसे कार्यक्रम इन परिवारों को जीने की प्रेरणा देते हैं।
उनकी हिम्मत को बढ़ा देते हैं और यह परिवार सालभर इस कार्यक्रम में भाग लेने का इंतजार करते हैं। उन्होंने कहा कि अमर उजाला को इसके लिए धन्यवाद देते हैं, जो हर वर्ष इन वीर नारियों के सम्मान में कार्यक्रम कर रहा है। इस कार्यक्रम को देखकर एनसीसी के विद्यार्थियों के साथ युवा और अन्य छात्रों को भी सेना में जाने की प्रेरणा मिलती है।