आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में स्पूतनिक और जायडस कैडिला कंपनी की कोरोना वायरस की वैक्सीन का ट्रायल शुरू होगा। ट्रायल में 100-100 लोग शामिल किए जाएंगे, जिनकी उम्र 18 से 60 साल की होगी। ट्रायल के लिए आवश्यक मानक पूरे कर लिए गए हैं।
इसी सप्ताह संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधि एसएन मेडिकल कॉलेज में ट्रायल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने आएंगे। इसमें स्फुटनिक रूस की और जायडस कैंडिला स्वदेशी कंपनी है। प्राचार्य डॉ संजय काला ने बताया कि ट्रायल की तैयारी चल रही हैं।
बच्चों का नंबर सबसे बाद में
आगरा में कोरोना वायरस की वैक्सीन लगने में बच्चों का नंबर सबसे बाद में आएगा। इनको तीसरे चरण में वैक्सीन लगाई जाएगी। इससे पहले बुजुर्ग और मरीजों को वैक्सीन लगेगी। स्वास्थ्य विभाग ने कार्ययोजना बनाई है, जिसे अभी अंतिम रूप दिया जाना है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि पहले चरण में 16,684 स्वास्थ्य कर्मचारियों के वैक्सीन लगेगी। इससे पहले आधार कार्ड और पहचान पत्र का पोर्टल पर किए गए पंजीकरण से मिलान किया जाएगा। इसके लिए काउंटर बनाया जाएगा, जहां मिलान के बाद ही कर्मचारी को टीकाकरण कक्ष में प्रवेश करने दिया जाएगा।
बूथ पर तीन कमरों में से एक केयरिंग रूम भी बनेगा। इसमें वैक्सीन लगाने के बाद कर्मचारियों को 30 मिनट तक रोका जाएगा। चिकित्सक निगरानी रखेंगे, किसी भी तरह की दिक्कत महसूस होने पर इनका इलाज करेंगे।
28 दिन में दो डोज लगाई जाएंगी
लोगों में वैक्सीन की दो डोज लगाई जाएंगी। पहली डोज लगने के 28वें दिन दूसरी डोज लगेगी। एसएन कॉलेज, जालमा कुष्ठ संस्थान और सीएमओ कार्यालय में बन रहे कोल्ड चेन में एक बार में एक लाख वैक्सीन रखने की क्षमता विकसित की जा रही है।
टीकाकरण के नोडल प्रभारी डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि टीकाकरण के लिए एएनएम को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनको वैक्सीन कैसे लगानी है, कितनी डोज देनी है, वैक्सीन की वाइल को कैसे सुरक्षित रखा जाना है। यह तमाम जानकारियां दी जा रही हैं। वैक्सीन तय होने के बाद फाइनल ट्रेनिंग दी जाएगी।